जनकपुरधाम में भव्य धर्मशाला का मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । विश्व के करोड़ों हिंदूओं के आस्था के केन्द्र जगत जननी सीता की भूमि जनकपुरधाम की पहचान आज विश्व में हैं। ऐसे धार्मिक शहर में अच्छे होटल , धर्मशाला का होना जरूरी है। उपर्युक्त बातें मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री सतीश कुमार सिंह ने हनुमान जयंती के अवसर पर मिथिला अवध सांस्कृतिक संरक्षण परिषद द्वारा नव निर्मित धर्मशाला के उद्घाटन समारोह में प्रमुख अतिथि पद से बोलते हुए कही। उन्होंने कहा कि मधेश प्रदेश सरकार जनकपुरधाम की पहचान बढ़ाने के लिए काम कर रही है। वर्ड हिन्दू इकोनॉमिक फोरम के संस्थापक अध्यक्ष डॉ.विज्ञानानंद जी महाराज नेकहा किसनातन धर्म की रक्षा करना हर हिन्दूओं का अहम जिम्मेदारी का समय आ गया है।आज भारत तथा नेपाल में सनातन धर्म खतरे में आ गयी हैं।व्यापक पैमाने पर नेपाल में धर्मांतरण हो रहा है। उपरोक्त बातें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के संस्थापक अध्यक्ष डॉ.विज्ञानानंद उन्होंने कहा कि भारत तथा नेपाल में हिंदू की आवादी घट रही है जो चिंता का बिषय हैं। विश्व का एक मात्र हिन्दू राष्ट्र नेपाल भी धर्म निरपेक्ष बन गया।लव जिहाद तथा बिदेशी एन.जी.ओ.के द्वारा नेपाल में धर्मांतरण किया जा रहा है। व अमरीका शिकागो से आयी विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष सनातनी बंदना झिंगल नेकहा कि अमरीका में हिन्दू सनातन धर्म फल फूल रहा है।बड़ी संख्या में अमेरिकन भी भारतीय संस्कृति अपना रहे हैं। शाकाहारी की संख्या बढ रही है। वही भारत तथा नेपाल में पाश्चात्य संस्कृति की होड़ लगी है जो चिंता का बिषय हैं।
अवध सांस्कृतिक संरक्षण परिषद द्वारा 15करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस पांच मंजिला धर्मशाला बना है जिसमें शाकाहारी भोजन की भी व्यवस्था है। गौरांग मिश्र की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में समाजसेवी पवन भाई सिन्धी (गुजरात), विश्व हिन्दू परिषद के सह केन्द्रीय मंत्री स्नेह पाल जी, सुनील पाल बनारसी दास गोयल (महाराष्ट्र), रजीन सरीन, राम भूषण दास वैष्णव,सुनील कुमार चौधरी, पूर्व मेयर बजरंग साह, जनकपुरधाम उप महानगरपालिका बार्ड9के बार्डाध्यक्ष परमेश्वर साह सहित कई लोगों ने विचार रखे।इस अवसर पर वृहत भंडारा का भी आयोजन किया गया था।



