शिक्षकाें का विरोध प्रदर्शन आज भी जारी, कल हुइ थी प्रधानमंत्री से वार्ता
प्रदर्शनकारी शिक्षक आज भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष लक्ष्मी किशोर सुबेदी ने कहा है कि समग्र स्थिति का आकलन करने पर पता चलता है कि आंदोलन के मोर्चे को अभी और मजबूत करने की जरूरत है।
महासंघ की टीम ने कल प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली से मुलाकात की। करीब दो घंटे तक चली चर्चा के दौरान अध्यक्ष सुबेदी ने कहा कि महासंघ का काम चल रहे आंदोलन, शिक्षकों व कर्मचारियों की मांगों तथा विद्यालयी शिक्षा अधिनियम लागू करने के मुद्दे पर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करना है।
“प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार उन मुद्दों पर परामर्श करेगी जिनका समाधान किया जा सकता है, निर्णय लेगी तथा कानून बनाने के लिए तत्परता प्रदान करेगी।” फिर रात 11:30 बजे मेरी मुलाकात सभामुख देवराज घिमिरे से हुई। सुबेदी ने कहा, “हमने उनके साथ स्कूल शिक्षा विधेयक को शीघ्र पारित करने के तरीकों और उपायों पर चर्चा की।”
सुबेदी ने यह भी कहा है कि वह आज के विरोध प्रदर्शन में प्रधानमंत्री और सभामुख के साथ कल हुई बातचीत के बारे में जनता को जानकारी देंगे। उन्होंने शिक्षकों से हमेशा की तरह दोपहर 12 बजे माइतीघर मंडल में आने का भी आग्रह किया है।
“हम कुछ छोटी-मोटी मांगों को पूरा करने और फिर वापस लौटने के लिए आंदोलन में शामिल नहीं हुए थे।” हमारा लक्ष्य एक प्रगतिशील कानून बनाना है जो अतीत में हुए समझौतों को संबोधित करे। आज की विरोध रैली में कल की बैठक से जुड़ी हर बात दोस्तों के बीच ही रखी जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा, “स्थिति के समग्र आकलन के लिए स्तरीय चर्चाएं की जाएंगी।”
उन्होंने कहा, “हमने अतीत में जो कुछ भी हासिल किया है, वह आंदोलन की ताकत से हासिल किया है।” अब हम जो भी हासिल करेंगे, आंदोलन की ताकत से हासिल करेंगे। आइये हम इस सत्य को हृदयंगम कर लें।
उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे गरिमामय, संयमित और अनुशासित रहकर आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में बने रहें।

