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पहलगाम घटना के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया गया

 

काठमांडू, बैशाख १० – जम्मू–कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले के बाद नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक हुई ।
इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं जिसमें पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया गया । इसके साथ ही अटारी बॉर्डर को भी बंद करने का फैसला किया गया है ।
अंतराष्ट्रीय संचार माध्यम बीबीसी के अनुसार – यह बैठक प्रधानमंत्री आवास पर हुई । इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई शीर्ष अधिकारी मौजूद थे ।
जम्मू–कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को चरमपंथी हमला हुआ था । इस हमले में २६ लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं ।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सीसीएस की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी ।
भारत ने पाकिस्तान के साथ १९६० के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित रखने का फैसला किया है । ये फैसला तब तक लागू रहेगा जब तक पाकिस्तान विश्वसनीय ढंग से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता ।
भारत ने अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को भी तुरंत प्रभाव से बंद करने का फैसला किया है । सरकार की ओर से कहा गया है कि जो लोग मान्य दस्तावेजों के आधार पर इधर आए हैं वो इस रूट से १ मई २०२५ से पहले वापस जा सकते हैं । विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि अब पाकिस्तानी नागरिक सार्क वीजा छूट स्कीम (एसवीईएस) के तहत जारी वीजा के आधार पर भारत की यात्रा नहीं कर पाएंगे । एसवीईएस के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को पूर्व में जारी किए वीजा रद्द माने जाएंगे । एसवीईएस के तहत जो भी पाकिस्तानी नागरिक भारत में हैं उन्हें ४८ घंटों में भारत छोड़ना होगा ।
नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के रक्षा÷सैन्य, नौसेना और वायु सेना सलाहकारों को अवांछित (पर्सोना नॉ ग्रेटा) व्यक्ति करार दिया गया है । उन्हें भारत छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है । भारत इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग के रक्षा÷सैन्य, नौसेना और वायु सेना सलाहकारों को भी वापस बुला रहा है । दोनों उच्चायोग में ये पद खत्म माने जाएंगे ।
दोनों उच्चायोगों से इन सैन्य सलाहकारों के पांच सपोर्ट स्टाफ को भी वापस ले लिया जाएगा । उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या ५५ से धीरे–धीरे घटाकर ३० कर दी जाएगी । ये फैसला १ मई २०२५ से लागू हो जाएगा ।
सीसीएस ने देश में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और सुरक्षा बलों को बेहद चौकस रहने को कहा है । बैठक में कहा गया कि पहलगाम हमले की साजिश रचने वालों के खिलाफ पूरी कार्रवाई की जाएगी ।

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