निरंकुशता और गणतंत्र के बीच कोई तुलना नहीं है – प्रधानमंत्री ओली
काठमांडू, जेठ १५ – प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा कि निरंकुशता और गणतंत्र के बीच कोई तुलना नहीं है । उनका कहना है कि इस बात पर कोई बहस नहीं होनी चाहिए कि कौन बेहतर है, निरंकुशता या गणतंत्र। गणतंत्र दिवस के अवसर में टुँडिखेल में आयोजित विशेष समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही है । साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह की बहस समाप्त हो चुकी है ।
उन्होंने कहा – एक राजवंश जिसने ढ़ाई सौ वर्षो तक अपमानजनक शासन चलाकर देश को पिछड़े राज्य में पहुंचा दिया, उसका विशेषाधिकार किसी भी मायने में हजारों शहीदों के बलिदान और लाखों नेपालियों के सपनों से बड़ा नहीं हो सकता । उन्होंने यह भी कहा कि –ये कोई नहीं कह सकता कि स्वतंत्रता की उपजाऊ मिट्टी में उगे लोगों के सपनों को महल की दीवारों पर ले जाकर चिपकाया जाना चाहिए । उनका कहना है कि पहले रेडियो पर सिर्फ समाचार के रूप में आदेश प्रसारित होते थे, लेकिन आज लोगों की आवाज सोशल मीडिया पर गूंज रही है ।
उन्होंने कहा कि हमें रहना तो वर्तमान में ही है ना । इतिहास को तो स्मरण करना है, मनन करना है । कल तक जनता सिंहदरबार और नाराणहिटी को गेट के बाहर से देखती थी आज भीतर तक उनकी पहुँच है । गणतंत्र जनता का शासन है, उनके द्वारा चुने गए प्रतिनिधि वहाँ से उनकी सेवा करते हैं और उनके लिए ही शसन करते हैं । उन्होंने यह भी कहा कि अभी की सरकार की आलोचना भी कर सकते हैं ।


