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इस साल वर्षा में भी काठमांडू को मेलम्ची से पानी मिलेगा : मंत्री यादव

 

२५ जेठ, काठमांडू — नेपाल के खानेपानी मंत्री प्रदीप यादव ने कहा है कि अब काठमांडू उपत्यका में लोगों को पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना नहीं पड़ेगा। मेलम्ची पानी योजना अब पूरे साल भर नियमित रूप से संचालन में लाई जाएगी।

मंत्री यादव ने यह जानकारी रविवार को काठमांडू उपत्यका के उपभोक्ता समितियों के साथ आयोजित एक अन्तरक्रिया कार्यक्रम में दी, जिसका आयोजन खानेपानी तथा सफाई महसूल निर्धारण आयोग द्वारा किया गया था।

उन्होंने कहा, “अब पानी के लिए टैंकरों का सहारा लेने की जरूरत समाप्त हो जाएगी। यहाँ तक कि असार (मानसून) के महीने में भी मेलम्ची का पानी बंद नहीं होगा। सरकार नियमित पानी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सभी वैकल्पिक उपाय और पूर्वाधार निर्माण को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है।”

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मंत्री यादव ने कहा कि पानी तक पहुँच सभी नागरिकों का मौलिक अधिकार है, और इसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार कटिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि न केवल काठमांडू, बल्कि देश के अन्य शहरी क्षेत्रों में भी सुरक्षित और पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मानसून के समय मेलम्ची के स्रोत पर बाढ़ से क्षति पहुँचने का खतरा होता है, इसलिए केवल स्रोत का दरवाजा बंद किया जाएगा, लेकिन सुरंग के माध्यम से पानी की आपूर्ति जारी रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस साल वर्षा ऋतु में भी काठमांडू को मेलम्ची से पानी मिलेगा।

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मंत्री यादव ने यह भी जानकारी दी कि नेपाल सरकार द्वारा “खानेपानी तथा सरसफाइ नियमावली २०८१” जारी की जा चुकी है, और आयोग द्वारा “खानेपानी महसूल निर्धारण निर्देशिका २०८१” भी सार्वजनिक की जा चुकी है। इस स्थिति में उपभोक्ता समितियाँ अब सेवा संचालन और मरम्मत के खर्चों के आधार पर पारदर्शी रूप में महसूल निर्धारण के प्रस्ताव आयोग को प्रस्तुत कर सकती हैं।

उन्होंने कहा, “महसूल यथार्थपरक, संतुलित और टिकाऊ होना चाहिए ताकि सेवा की गुणवत्ता में सुधार हो और उपभोक्ताओं के हित की रक्षा हो सके।”

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मंत्री यादव ने यह भी निर्देश दिया कि इस तरह के जन-जागरूकता कार्यक्रम सिर्फ उपत्यका तक सीमित न रहकर पूरे देश के स्थानीय निकायों के साथ समन्वय कर निरंतर रूप से चलाए जाने चाहिए।

कार्यक्रम में मंत्रालय की सचिव प्रमिलादेवी शाक्य बज्राचार्य ने कहा, “खानेपानी हर नागरिक की मूलभूत आवश्यकता और मौलिक अधिकार है। इसकी सुनिश्चितता के लिए हम सभी की सहभागिता, उत्तरदायित्व और सहयोग आवश्यक है।”

उन्होंने उपभोक्ता समितियों के साथ मिलकर नागरिकों को सहज रूप में पानी प्रदान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई ।

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