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आंशिक प्राध्यापक संघ ने त्रिभुवन विश्वविद्यालय का ताला खोला

 

 

असार २०, २०८२ । काठमांडू — सर्वोच्च अदालत के अंतरिम आदेश के बाद आंशिक प्राध्यापक संघ ने शुक्रवार को त्रिभुवन विश्वविद्यालय (त्रिवि) में लगाया गया ताला खोल दिया है।

बुधवार को सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश नृपध्वज निरौला की एकल पीठ ने ‘तालाबंदी न करने/न कराने, यदि ताला लगाया गया हो तो खोलने/खुलवाने’ संबंधी अंतरिम आदेश जारी किया था। इस आदेश के बाद संघ ने त्रिवि के उपकुलपति, रेक्टर, रजिस्ट्रार और सेवा आयोग के कार्यालय में की गई तालाबंदी हटा दी।

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संघ ने बताया कि असार २२ गते त्रिभुवन विश्वविद्यालय की सभा (सीनेट बैठक) आयोजित होनी है, उसी को ध्यान में रखते हुए ताला खोला गया है। संघ के अध्यक्ष गोकुल लिम्बु, सहअध्यक्ष राजेन्द्र आचार्य और महासचिव बैकुण्ठ थापा ने ताले खोले।

गौरतलब है कि आंशिक प्राध्यापक संघ ने जेठ ३० गते ताले लगाए थे। इससे पहले, जेठ १४ गते नेपाल विद्यार्थी संघ (नेविसंघ) द्वारा निर्वाचित स्ववियु (विद्यार्थी संगठन) अध्यक्षों ने भी ताले लगाए थे, जो अब हटा दिए गए हैं।

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प्राध्यापक संघ ने यह तालाबंदी इस कारण की थी कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यावारिधि (PhD) कर चुके और अनुसंधान में सक्रिय शिक्षकों को फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के तहत उप-प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक और प्राध्यापक पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी, जिससे संघ असंतुष्ट था।

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