खजुरा में ‘परिवर्तन’ पत्रिका का लोकार्पण और ‘कल्पध्वनि’ लघुकथा संग्रह की समीक्षा

नेपालगंज/बाँके से पवन जायसवाल की रिपोर्ट । बाँके जिले के खजुरा स्थित ज्ञानोदय बहुमुखी पब्लिक क्याम्पस में प्रगतिशील लेखक संघ नेपाल, बाँके शाखा द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ‘परिवर्तन’ पत्रिका का लोकार्पण और ‘कल्पध्वनि’ लघुकथा संग्रह की समीक्षात्मक प्रस्तुति शनिवार, २१ आषाढ़ को संपन्न हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतिशील लेखक संघ बाँके की अध्यक्ष चरित्रा शाह ने की, जबकि उद्घाटन संघ के केन्द्रीय सचिव तथा कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि हरि प्रसाद तिमिल्सिना ने ब्यानर वाचन कर किया।
कार्यक्रम का संचालन इन्दिरा गौतम ने किया और स्वागत भाषण उपाध्यक्ष सुन्दर गुरुङ ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रमुख अतिथि हरि प्रसाद तिमिल्सिना, विशिष्ट अतिथि एवं केन्द्रीय सचिवालय सदस्य कल्पना पौडेल ‘जिज्ञासु’, वरिष्ठ साहित्यकार गणेश जिसी, प्राज्ञ सभा सदस्य महानन्द ढकाल, संघ के संस्थापक ओमप्रकाश शर्मा, पूर्व अध्यक्ष पुष्पमणि प्रधान, वर्तमान अध्यक्ष चरित्रा शाह, केन्द्रीय सदस्य मणिदेव अर्याल, खजुरा प्रज्ञा प्रतिष्ठान के उपकुलपति डा. इन्द्र बहादुर भण्डारी सहित अन्य कई गणमान्य व्यक्तियों ने सामूहिक रूप से ‘परिवर्तन’ पत्रिका का लोकार्पण किया।
पत्रिका की समीक्षा प्रलेस बर्दिया शाखा के अध्यक्ष प्रभात सुवेदी ने की, जबकि ‘कल्पध्वनि’ लघुकथा संग्रह पर समीक्षात्मक प्रस्तुति ईश्वरी प्रसाद रिजाल ने दी।
कार्यक्रम में प्रलेस की पूर्व पार्षद मीना बराल को दोसल्ला ओढ़ाकर, अबीर लगाकर और सम्मान–पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसी कार्यक्रम में हाल ही में प्रलेस के केन्द्रीय समिति में बाँके से निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें सचिवालय सदस्य कल्पना पौडेल ‘जिज्ञासु’, केन्द्रीय सदस्य मणिदेव अर्याल, केन्द्रीय पार्षद लेखप्रसाद प्याकुरेल, लुम्बिनी प्रदेश समिति के उपाध्यक्ष गणेशा कार्की, सह–सचिव सुन्दर गुरुङ, और सदस्य भरत रानाभाट व टंकप्रसाद आचार्य शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त, विद्यावारिधि (पीएचडी) उपाधि प्राप्त करने वाले विद्वानों – डा. इन्द्र बहादुर भण्डारी, डा. खोपीराम ओली और डा. पुष्करनाथ रिजाल को भी बधाई दी गई। साथ ही, नेपाल राष्ट्रिय शिक्षक संगठन के केन्द्रीय सदस्य के रूप में निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम का समापन करते हुए प्रमुख अतिथि हरि प्रसाद तिमिल्सिना, डा. इन्द्र बहादुर भण्डारी, महानन्द ढकाल, ओम प्रकाश शर्मा, गणेश जिसी, सर्वदा साहित्य संगम के अध्यक्ष खगेन्द्र गिरि ‘कोपिला’, हाम्रो पूर्णिमा साहित्य प्रतिष्ठान के अध्यक्ष पुष्करनाथ रिजाल, शिक्षाविद जीत बहादुर शाह, ‘कल्पध्वनि’ की लेखिका कल्पना पौडेल और सभाध्यक्ष चरित्रा शाह ने सभी उपस्थित सृजनशील प्रतिभाओं का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर साहित्यकारों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से प्रधानाध्यापक ऋषिराम सापकोटा, अधिवक्ता भीम बहादुर शाही, जगदीश ढकाल, भेरी साहित्य समाज के अध्यक्ष इन्द्र बहादुर बस्नेत, पूर्णतारा फाउंडेशन की तारा कुमारी रोकाया, सीता सुवेदी रिजाल, चन्द्रपति अधिकारी, बुद्धि प्रसाद बन्जाडे, नरेन्द्रराज पोखरेल, नबिन कर्माचार्य, तिला पाण्डेय, बोदराज प्याकुरेल, फणीन्द्र आचार्य, चित्र बहादुर डाँगी, बीर बहादुर थापा, कविराज रेग्मी, हिमाल पौडेल, सागर पाण्डे, माया कार्की, शिव बहादुर पुन, खेम बगर, कपिल अन्जान सहित करीब ५० साहित्यकार उपस्थित रहे।
इस आयोजन को स्थानीय साहित्यिक वातावरण में एक सशक्त हस्तक्षेप और उत्साहवर्धक पहल के रूप में देखा जा रहा है।


