दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सूक–यओल विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी
काठमांडू, असार २६ – दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सूक–यओल को मार्शल लॉ लागू करने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है । दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप की रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तारी वारंट आज (गुरुवार) की सुबह जारी किया गया ।
अब उन्हें सियोल के पास एक हिरासत केंद्र में रखा जाएगा । इससे पहले, सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने जनवरी में उनकी गिरफ्तारी को रद्द कर दिया था । अदालत ने विशेष अभियोजक की उस दलील को स्वीकार कर लिया कि येओल के कारण सबूतों को नष्ट किए जाने का खतरा है।
इसी साल अप्रैल में देश के सांविधानिक न्यायालय ने महाभियोग को बरकरार रखने का फैसला सुनाया था। इसके बाद येओल को पद से हटा दिया गया । अब चार महीने बाद उन्हें सियोल के पास एक हिरासत केंद्र में रखा जाएगा । सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने जनवरी में उनकी गिरफ्तारी को रद्द कर दिया था । मार्च में हुई रिहाई के समय अदालत ने उन्हें हिरासत में लिए बिना विद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी ।
पूर्व राष्ट्रपति यून पर आरोप है कि उन्होंने अपने विरोधियों को दबाने के लिए जबरन मार्शल लॉ लागू किया। इसके अलावा उन पर सरकारी कामों में बाधा डालने, सत्ता का गलत इस्तेमाल करने और सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर करने जैसे गंभीर आरोप भी हैं। विशेष अभियोजक चो यून–सुक और उनकी टीम यून के खिलाफ इन आपराधिक मामलों की जांच कर रही है ।


