संघीय सरकार ने किया मधेश प्रदेश को संकटग्रस्त क्षेत्र घोषित
काठमांडू, सावन ७ – सूखे से जुझ रहे मधेश प्रदेश को संघीय सरकार ने संकटग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है ।
प्रधानमंत्री निवास बालुवाटार में हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक ने मधेस के आठ जिलों को संकटग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है । यह जानकारी कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मंत्री अजय चौरासिया ने दी है ।
मंत्री चौरासिया ने कहा कि “अन्न भंडार के रूप में प्रसिद्ध मधेश प्रांत में पेयजल और सिंचाई की अत्यधिक कमी के कारण लोगों का जीवन अस्त–व्यस्त हो गया है । इसलिए मंत्रिपरिषद् के निर्णय से ही सरकार ने मधेस प्रदेश को संकटग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है ।” मंत्री चौरासिया ने आगे कहा कि “अब सरकार पेयजल और सिंचाई के लिए आवश्यक पहल करेगी ।” उन्होंने कहा कि सरकार से जितना संभव हो सकेगा इस समस्या के समाधान में लगेगी ।
चौरसिया ने कहा, “अब हम गहरी बोरिंग, नदियों और नहरों से पानी पंप करने और सिंचाई की व्यवस्था करने समेत सभी प्रयासों को आगे बढ़ाएँगे। हम टैंकरों द्वारा तुरंत और वैकल्पिक व्यवस्थाओं के साथ लंबे समय तक पीने का पानी उपलब्ध कराने के प्रयासों को आगे बढ़ाएँगे ।”


