विपिन जोशी की मां पद्मा और बहन पुष्पा पहुँची इजरायल
काठमांडू, सावन २७ – फिलिस्तीनी उग्रवादी समूह हमास द्वारा इजरायल पर हमले के बाद पकड़े गए और लापता हुए कंचनपुर निवासी विपिन जोशी की मां पद्मा और बहन पुष्पा इजरायल पहुंच गई हैं ।
विपिन जोशी की रिहाई के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ाने और मामला संयुक्त राष्ट्र संघ तक ले जाने के लिए इजरायली सरकार के बुलावे पर वे सोमवार को इजरायल के लिए रवाना हुई थीं ।
तेल अवीव स्थित बेन गुरियन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका स्वागत इजरायली विदेश मंत्रालय के अधिकारी, इजरायल में नेपाल के राजदूत धनप्रसाद पंडित, नेपाल के पूर्व राजदूत हानन गोडार सहित अन्य ने किया।
वहां अंतर्राष्ट्रीय मीडिया से बात करते हुए बिपिन की मां पद्मा ने कहा कि वे अपने बेटे को लेने आई है । उन्होंने सभी से सहयोग की अपील भी की । भावुक होकर उन्होंने कहा, “मैं अपने बेटे विपिन को लेने आई हूँं । कृपया मेरे बेटे को मुक्त कराकर हमें घर भेज दें, सभी से विनम्र निवेदन है।”
विपिन जोशी की बहन पुष्पा ने भी रोते हुए कहा, “मेरा भाई यहाँ पढ़ाई के लिए आया था । हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है । उन्हें बेवजह न रोकें। हम उन्हें लेने बहुत दूर के देश नेपाल से आए हैं।”
कंचनपुर के भीमदत्त नगरपालिका–३ भासी के रहने वाले विपिन जोशी कृषि विषय में ‘पढ़ते–कमाते कार्यक्रम’ के तहत इजरायल गए थे। हमास ने ७ अक्टूबर २०२३ को इजÞरायल के एक किब्बुत्ज पर हमला किया था, तभी से विपिन जोशी संपर्क में नहीं हैं। उसी घटना में १० नेपाली छात्रों की मृत्यु हो गई थी और हमास लड़ाकों ने विपिन समेत २५१ लोगों को बंधक बना लिया था। युद्धविराम के दौरान कुछ लोगों को हमास ने मुक्त कर दिया, लेकिन विपिन जोशी अब तक रिहा नहीं हुए। नेपाल सरकार ने उनकी रिहाई के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए हैं, लेकिन विपिन की स्थिति अभी भी अज्ञात है।
इजरायली विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, विपिन की मां और बहन को संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यालय में ले जाकर बिपिन की रिहाई के लिए दबाव बनाने का अनुरोध किया जाएगा। उससे पहले उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, सेना प्रमुख और हमास के खिलाफ अभियान में लगे कमांडरों से कराई जाएगी। साथ ही उन्हें दक्षिण इजरायल के उस किब्बुत्ज में भी ले जाया जाएगा, जहां हमास ने बिपिन को बंधक बनाया था, ताकि उन्हें घटना की पूरी जानकारी दी जा सके।

