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“नेपाल गहरे संकट में – संविधान ने किया उत्पीडन” : राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी

 

काठमांडू, भाद्र 6। राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी नेपाल की केन्द्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक 2082 श्रावण 31 से भाद्र 6 तक पार्टी अध्यक्ष राजेन्द्र महतो की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। सात दिन चली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक, संगठनात्मक और रणनीतिक निर्णय लिए गए।

बैठक ने नेपाल की वर्तमान स्थिति को “गहरे संकट, सांस्कृतिक विघटन और आर्थिक दिवालियापन” की अवस्था बताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि 2072 का संविधान मधेशी, थारू, आदिवासी, मुस्लिम, दलित समेत समुदायों को राज्य से बहिष्कृत करता है। बैठक ने 2082 साल में ही राष्ट्रव्यापी जनआन्दोलन शुरू करने की घोषणा की।

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जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव उपर हाल ही मे गौर घटना के उपर अनुसंधान होने कि बिषयको संकेत करते हुवे; निर्णय मे लिखा गया है कि, उत्पीड़ित समुदाय के अगुवा नेताओं को नेक्रोपॉलिटिक्स का शिकार होना पड़ा है। इसे करने के लिए अदालत-कानून, मीडिया, घृणा-भाष्य, अफवाह और भीड़ हिंसा जैसे माध्यमों से योजनाबद्ध ढंग से अगुवा को खत्म करने के प्रयास के अनेक उदाहरण हैं।
पार्टी ने सभी उत्पीड़ित समुदायों को एकजुट कर बहु-राष्ट्रीय राज्य निर्माण का एजेंडा आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

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बैठक ने हाल की बाढ़–भूस्खलन और तराई–मधेश में सूखा प्रभावित स्थिति पर चिंता व्यक्त की। सरकार से तत्काल राहत, दीर्घकालिक समाधान और किसानों को खाद उपलब्ध कराने की माँग की गई। साथ ही मुकुम्लुङ केबलकार निर्माण रोकने और सप्तरी की बिटौरी ज़मीन समस्या का तत्काल समाधान करने पर जोर दिया गया।

संगठनात्मक पक्ष में बैठक ने ग्राम गणतंत्र, आर्थिक रूपान्तरण, विशेष ब्यूरो कार्ययोजना, प्रवासी संगठन, आचरण एवं सोशल मीडिया संबंधी निर्देशिकाओं को पारित किया।

पार्टी ने जनता समाजवादी पार्टी के साथ हाल ही में हुई कार्यगत एकता को स्वीकृति दी और संयुक्त कार्यक्रम आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

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साथ ही, काठमांडू में रह रहे मधेशियों के सम्मान और संगठन के लिए “स्वनिग: मधेश समन्वय समिति” गठित करने का फैसला हुआ।

पार्टी के हिन्दी भाषी प्रवक्ता रमन पाण्डेय ने आज प्रेस स्टेटमेन्ट जारी करते हुवे उन्हौने जानकारी कराइ, बैठक ने 2082 भाद्र 8 से आश्विन 22 तक देशव्यापी संगठन विस्तार अभियान चलाने का निर्णय लिया। इसके तहत विभिन्न जिलों में प्रभारी और सह–प्रभारी नियुक्त किए गए।

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