लिम्पियाधुरा,कालापानी और लिपुलेक नेपाल की ही भूमि है – लेखक
काठमांडू, भादव १६ – गृहमंत्री रमेश लेखक ने कहा है कि लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेक नेपाल की ही भूमि है । इसलिए इसमें मित्र राष्ट्रों का नाराज नहीं होना चाहिए । आज नेपाल प्रेस यूनियन पर्सा द्वारा आयोजित किए गए पत्रकार सम्मेलन में गृहमंत्री लेखक ने पड़ोसी राष्ट्र भारत और चीन द्वारा नेपाल के भूिम लिपुलेक को द्विपक्षीय व्यापारिक नाका बनाने के समझौता को लक्षित करते प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने जो आपत्ति जताई है उसे सही कहा है ।
“लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेक भूमि नेपाल का है । हमें हमारी भूमि को, हमारी भूमि है कहने के कारण किसी देशके साथ हमारे संबंध खराब नहीं हैं । ” उन्होंने कहा “इसमें मित्रराष्ट्र भारत और चीन को भी नाराज नहीं होनी चाहिए । वो हमारी भूमि है और इसमें हम स्पष्ट हैं ।”
गृह मंत्री लेखक ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री ओली के चीन दौरे के दौरान मित्र देशों भारत और चीन के साथ हमारी जमीन को लेकर हुए समझौतों पर आपत्ति जताना उचित था । उन्होंने स्पष्ट किया कि नेपाल की जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं किया जाएगा ।


