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प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने आगे रखीं 4 मुख्य कार्ययोजनाएँ

 

भाद्र 30, 2082 । काठमांडू — नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने देश की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख कार्ययोजनाएँ प्रस्तुत की हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार 6 महीनों के भीतर चुनाव कराएगी, हिंसा और विध्वंस फैलाने वालों की जांच करेगी, जेन-जी आंदोलन की मांग अनुसार भ्रष्टाचार नियंत्रण और सुशासन सुनिश्चित करेगी तथा निजी क्षेत्र का मनोबल बढ़ाने के कदम उठाएगी।

कार्की ने कहा कि जेन-जी पीढ़ी की सोच के अनुरूप काम करना समय की मांग है। “हमें सुशासन, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, गुड गवर्नेंस और आर्थिक समानता के लिए दृढ़ संकल्प लेना होगा,” उन्होंने कहा।

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प्रधानमंत्री ने आंदोलन के दौरान हुए बड़े पैमाने पर धन-जन की क्षति पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पुलिस चौकियां, सर्वोच्च, उच्च और जिला अदालतें, यहां तक कि सिंहदरबार जैसे संस्थान भी भीषण आगजनी में नष्ट हुए। “भवन तो फिर से बनाए जा सकते हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि हमारे पुराने अभिलेख, फाइलें और प्रमाण पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं,” उन्होंने चिंता जताई।

उन्होंने आशंका जताई कि ये हमले योजनाबद्ध ढंग से किए गए थे। “अपने ही धरोहर पर हमला करने वालों को नेपाली कहना भी कठिन है,” उन्होंने कहा।

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कार्की ने स्पष्ट किया कि सिंहदरबार और अन्य प्रमुख संस्थानों पर हमला केवल इमारतों पर नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र पर आपराधिक चुनौती है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करने और नए नेपाल के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री कार्की ने प्रदर्शन में मारे गए लोगों के परिवारों को प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपये की राहत राशि, घायलों का निःशुल्क उपचार, इलाज के लिए काठमांडू में रहने वाले परिजनों के खर्च का प्रबंध तथा मृतकों के शव को उनके गृह-जिले तक पहुंचाने की सरकारी व्यवस्था करने की घोषणा की।

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