डा.संगीता मिश्रा का संघर्ष न्याय और धैर्य का प्रतीक बनेगा : कुछ प्रश्न ?
अन्याय से अत्याचार तक
डा. संगीता मिश्रा का करियर लगातार राजनीतिक षड्यंत्र और सत्ता के खेल की बलि चढ़ रहा है।
2. सचिव न बनने दिया, अब मंत्री बनने से रोका
पहले “अयोग्य” कहकर सचिव पद पर पदोन्नति रोकी गई, अब “भ्रष्ट” बताकर मंत्री पद से रोका जा रहा है।
3. ओली सरकार का अन्याय
ओली सरकार के दौरान सबसे वरिष्ठ होने के बावजूद डा. संगीता को सचिव नहीं बनाया गया। कारण—सत्ता गठबंधन और कांग्रेस से जुड़े नेताओं की अंदरूनी लॉबिंग।
4. कार्की सरकार का अत्याचार
सुसीला कार्की की सरकार ने उन्हें मंत्री बनाने का आश्वासन देकर, राजीनामा कराकर अंत में शपथ रोक दी। यह कैसा सुशासन?
5. कानूनी सवाल
क्या नेपाल में मंत्री नियुक्ति से पहले अख्तियार से क्लीन-चिट लेना अनिवार्य है? अगर हाँ, तो बाकी मंत्रियों के मामले क्यों अनदेखा?
6. मीडिया का नश्लीय ट्रायल
मध्यरात्रि में “अख्तियार सूत्र” के हवाले से फैलाई गई खबर—क्या यह मीडिया की निष्पक्षता थी या किसी षड्यंत्र का हिस्सा?
7. मानवता पर सवाल
दशैं के समय एक महिला अधिकारी पर इस तरह का प्रहार—क्या यह सिर्फ राजनीति है या निर्मम अमानवता?
8. अंतिम संदेश
“सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं।”
डा. संगीता मिश्रा का संघर्ष न्याय और धैर्य का प्रतीक बनेगा।
श्रोत: बरिष्ठ विश्लेषक तुलनारायन शाह

