काठमांडू घाटी में प्रवेश और निकास पर रोक, भारी वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त
काठमांडू, 4 अक्टूबर (शनिवार)। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सरकार ने काठमांडू उपत्यका में अगले तीन दिनों तक — यानी 18, 19 और 20 असोज (4 से 6 अक्टूबर) तक — वाहनों के प्रवेश और निकास पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
राष्ट्रिय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरण के विपद् कार्यप्रमुख रामबहादुर केसी ने जानकारी दी कि निरंतर वर्षा से पहिरो (भूस्खलन) और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्राधिकरण की विज्ञप्ति में कहा गया है कि घाटी से आने-जाने वाले सभी प्रमुख राजमार्गों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। मुख्य राजमार्गों से लेकर सहायक मार्ग और स्थानीय सड़कें तक जगह-जगह अवरुद्ध हैं। कई इलाकों में बाढ़ और पहिरो का जोखिम बढ़ गया है।
इस बीच, काभ्रे जिले में बीपी राजमार्ग पर भी यातायात संचालन रोक दिया गया है। प्रमुख जिल्ला अधिकारी उमेश कुमार ढकाल के अनुसार, रोशी खोलामा पानी का बहाव अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे बाढ़ की संभावना के चलते यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि अगली सूचना तक राजमार्ग बंद रहेगा और अत्यावश्यक स्थिति को छोड़कर लोग घरों से बाहर न निकलें।
इसी तरह, म्याग्दी जिले के अन्नपूर्ण गाउँपालिका–४ स्थित मौरिस हर्गोज पदमार्ग और अन्नपूर्ण बेसकैंप (ABC) ट्रेकिंग रूट को भी दो दिनों (शनिवार और रविवार) के लिए बंद कर दिया गया है। वडाध्यक्ष लोकबहादुर पुन ने बताया कि लगातार वर्षा और हिमपात की संभावना के कारण पर्यटकों की सुरक्षा दृष्टि से यह कदम उठाया गया है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि अगले तीन दिनों तक अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन तथा विपद् प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करें।


