रक्तदान के क्षेत्र में नया कीर्तिमान: प्रेमसागर कर्माचार्य ने किया १८४वीं बार रक्तदान
नेपालगंज/बाँके — पवन जायसवाल । नेपाल के सर्वाधिक स्वयंसेवी शतक रक्तदाता एवं नेपाल स्वयंसेवी रक्तदाता समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष प्रेमसागर कर्माचार्य ने असोज २५ गते (११ अक्टूबर) अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ते हुए १८४वीं बार रक्तदान किया है।
यह रक्तदान कार्यक्रम नेपाल स्वयंसेवी रक्तदाता समाज रसुवा शाखा और कालिका हिमालय एस.एल.सी. २०५६ बैच समूह के संयुक्त आयोजन में रसुवा के कालिकास्थान में सम्पन्न हुआ।
प्रेमसागर कर्माचार्य ने नेपाल के विभिन्न जिलों — जैसे जुम्ला, बाजुरा, डडेलधुरा, बाँके, सुर्खेत, गोरखा, नुवाकोट, स्याङ्जा, कञ्चनपुर आदि — में जाकर युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित करते हुए स्वयं भी रक्तदान किया है। वर्तमान में वे नेपाल के सर्वाधिक रक्तदान करने वाले स्वयंसेवी के रूप में पहचाने जाते हैं।

१८४वीं बार रक्तदान करने के अवसर पर कर्माचार्य ने कहा कि “मानव जीवन के लिए आवश्यक रक्त का कोई विकल्प नहीं है। इसलिए हर व्यक्ति को १८ वर्ष की आयु पूरी करने के साथ ही इस महान कार्य में जुड़ना चाहिए।”

उन्होंने यह भी बताया कि उनके संस्थागत स्तर पर दान किए गए रक्त को बीमार मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराने की मांग पर संघीय सरकार ने अब तक कोई सुनवाई नहीं की है।
कार्यक्रम में सर्वाधिक शतक रक्तदाता प्रेमसागर कर्माचार्य को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता २०५६ बैच के अध्यक्ष रामप्रसाद ढकाल और नेपाल स्वयंसेवी रक्तदाता समाज रसुवा जिला शाखा के अध्यक्ष रामशरण गजुरेल ने की।
मुख्य अतिथि के रूप में जनस्वास्थ्य कार्यालय धुन्चे, रसुवा के प्रमुख झमप्रसाद आचार्य उपस्थित रहे।
रक्तदान करने वाले स्वयंसेवी दाताओं को प्रशस्ति–पत्र प्रदान करते हुए प्रेमसागर कर्माचार्य ने उन्हें सम्मानित किया।
कार्यक्रम में कुल ८६ लोगों ने बड़े उत्साह के साथ रक्तदान किया, जिसकी जानकारी समाज रसुवा की कोषाध्यक्ष सुमित्रा सापकोटा ने दी।











