बालेन शाह का कटाक्ष : “भिसा के लिए तुम्हारे घर दौड़ना पड़ता है, और दूसरों को एजेंट कहते हो!”

काठमांडू, ५ कार्तिक २०८२ । काठमांडू महानगर प्रमुख बालेन शाह ने एक बार फिर राजनीतिक दलों और नेताओं पर तीखा प्रहार किया है। बुधवार शाम उन्होंने फेसबुक पर एक स्टेटस पोस्ट करते हुए हाल के भदौ २३ और २४ गते (8–9 सितंबर) की घटनाओं को लेकर राजनीतिक वर्ग की तीखी आलोचना की।
शाह ने लिखा, “तुइन और लकड़ी के पुल बनाने वाले वही नेता हैं, जो आज देश को विदेशी ताकतों द्वारा बिगाड़ा गया बताते हैं। भिसा (वीजा) पाने के लिए तुम्हारे ही घर दौड़ना पड़ता है, और दूसरों को एजेंट कहते हो!”
उन्होंने आगे कहा कि जेन-जी आन्दोलन (Gen Z आंदोलन) के दौरान पूरे देश को एक पार्टी ने दूसरी पर थोपने की कोशिश की। “देश को कांग्रेस ने एमाले का और एमाले ने कांग्रेस का जलाया,” शाह ने लिखा।
अपनी पोस्ट में उन्होंने नेताओं की मानसिकता पर भी सवाल उठाया—
“दोष अपने ही बच्चों को देते हो, चाय के वक्त खून पीकर दूसरों को ‘लुसिफर’ कहते हो! लाज नहीं आती?”
बालेन शाह की यह टिप्पणी नेपाली राजनीति में चल रही कटुता और जेन-जी आन्दोलन को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता के बीच आई है।
उनका यह स्टेटस सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, जहाँ समर्थकों ने इसे “सिस्टम पर चोट” बताया है, जबकि आलोचकों ने इसे “राजनीतिक असंतुलन को भड़काने वाला” कहा है।

