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कुन्दन कुशवाहा का आरोप : गौर घटना जैसा माहौल बनाया जा रहा है

 

रौतहट, 29 अक्टूबर (कार्तिक 12) । नेपाल के रौतहट ज़िले में राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ने लगा है। नेकपा (एमाले) के केन्द्रीय सदस्य कुन्दन कुशवाहा ने पत्रकार सम्मेलन कर आरोप लगाया कि मौलापुर में पार्टी का तयशुदा शुभकामना आदान–प्रदान तथा भेटघाट कार्यक्रम योजनाबद्ध तरीके से प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

कुशवाहा के अनुसार, एमाले ने पहले ही घोषणा की थी कि कार्तिक 13 गते (30 अक्टूबर) को मौलापुर में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। लेकिन उसी समय आम जनता पार्टी के कुछ नेता–कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम की घोषणा कर दी। उन्होंने इसे “कार्यकर्ताओं को आमने–सामने भिड़ाने की साज़िश” बताया।

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कुशवाहा ने कहा —

“हमारा कार्यक्रम प्रभावित करने के उद्देश्य से उसी समय दूसरा कार्यक्रम रखा गया है। यह कोशिश गौर जैसी घटना दोहराने की ओर इशारा करती है। एमाले इस विषय पर बुधवार को क्षेत्रीय बैठक कर निर्णय लेगी।”

उन्होंने आगे कहा कि मौलापुर में एमाले को कार्यक्रम न करने देने, धमकाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।

“लोकतंत्र में हर किसी को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता है। लेकिन ऐसा धमकीपूर्ण और घेराबंदी वाला व्यवहार राणा शासन की याद दिलाता है, जो बेहद दुखद है।”

 “गौर घटना प्रभु साह की हठ का नतीजा थी”

कुशवाहा ने गौर घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि उस समय भी “प्रभु साह की हठ और एक ही मंच पर ज़बरन कार्यक्रम करने की जिद” के कारण हिंसक झड़प हुई थी।

“गौर की तरह की प्रवृत्ति अगर फिर दोहराई गई, तो परिणाम सभी के लिए दुखद होंगे,” उन्होंने चेतावनी दी

“एमाले शांति और लोकतंत्र में विश्वास रखती है”

कुशवाहा ने ज़ोर देते हुए कहा कि एमाले किसी से डरती नहीं और पार्टी शांति तथा लोकतांत्रिक अभ्यास में विश्वास करती है।

“अगर कोई व्यक्ति ‘जेन-जी आन्दोलन’ के नाम पर घुसपैठ कर अशांति फैलाने की कोशिश करेगा, तो उसे कानूनी कठघरे में लाया जाएगा।”

अंत में उन्होंने दो टूक कहा —

“मौलापुर में एमाले का कार्यक्रम हर हाल में होगा। पार्टी अंतिम निर्णय करेगी, लेकिन हम किसी धमकी या दबाव में नहीं झुकेंगे।”

कुन्दन कुशवाहा ने मौलापुर में एमाले के कार्यक्रम को बाधित करने की साज़िश का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि गौर जैसी स्थिति दोहराई गई, तो जिम्मेदारी उकसाने वालों की होगी। उन्होंने कहा कि एमाले किसी दबाव में नहीं झुकेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना कार्यक्रम ज़रूर करेगी।

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