सल्यान जिले में पौष 11 गते से रक्त संचार केंद्र का संचालन शुरू
नेपालगंज/(बाँके)। पवन जायसवाल । कर्णाली प्रदेश के सल्यान जिले में पौष 11 गते से रक्त संचार केंद्र का संचालन शुरू हो गया है। जिला स्वास्थ्य कार्यालय सल्यान तथा स्थानीय युवाओं की सक्रिय पहल में जिला अस्पताल सल्यान परिसर में यह रक्त संचार केंद्र प्रारंभ किया गया है।
जिला अस्पताल सल्यान में रक्त संचार सेवा के लिए भवन तो लंबे समय पहले ही बन चुका था, लेकिन विभिन्न तकनीकी और व्यवस्थापकीय समस्याओं के कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा था। आखिरकार पौष 11 गते को उक्त भवन में औपचारिक रूप से रक्त संचार सेवा का शुभारंभ किया गया।

नेपाल रेडक्रॉस सोसाइटी, सल्यान शाखा ने रक्त संचार केंद्र संचालन के उद्देश्य से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से तीन कक्षों का निर्माण किया था। हालांकि, तकनीकी तथा व्यवस्थापकीय अड़चनों के चलते रेडक्रॉस लंबे समय तक रक्त संचार केंद्र का संचालन नहीं कर सकी, जिसके कारण भवन उपयोगविहीन अवस्था में पड़ा रहा।

32 बार रक्तदान कर चुके स्वयंसेवी रक्तदाता प्रकाश खड्का के अनुसार, रक्त संचार केंद्र के संचालन में आने से जिला अस्पताल में उपचार और शल्यक्रिया कराने वाले मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले सल्यान जिले में रक्त की आवश्यकता पड़ने पर मरीजों के परिजन और स्वास्थ्यकर्मी सामाजिक संजाल और फोन के माध्यम से रक्त समूह मिलाने वाले लोगों को खोजते थे। यदि व्यवस्था नहीं हो पाती थी तो मरीजों को अन्य स्थानों पर रेफर करना पड़ता था।
स्वास्थ्य सेवा कार्यालय सल्यान के प्रमुख डॉ. अर्जुन बुढा मगर ने कहा कि अब रक्त की कमी के कारण मरीजों को अन्यत्र रेफर करने की बाध्यता समाप्त हो गई है। उन्होंने बताया, “रक्त संचार केंद्र के संचालन से जिला अस्पताल में लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा। विशेष रूप से जटिल गर्भावस्थाओं में शल्यक्रिया के दौरान रक्त की आवश्यकता पड़ने पर महिलाओं को जो कठिनाइयाँ झेलनी पड़ती थीं, अब वह समस्या दूर हो जाएगी।”
जिला अस्पताल सल्यान की स्थापना वि.सं. 2044 में हुई थी। शुरुआत में अस्पताल में 15 बेड की व्यवस्था थी, जिसे बढ़ाकर अब 40 बेड क्षमता का बना दिया गया है। अस्पताल में प्रतिमाह औसतन 8 से 12 पिंट रक्त की खपत होती रही है, यह जानकारी स्वास्थ्य सेवा कार्यालय सल्यान के प्रमुख डॉ. अर्जुन बुढा मगर ने दी।


