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कांग्रेस पार्टी कार्यालय में विमलेन्द्र निधि के खिलाफ नारेबाजी, विशेष महाधिवेशन को लेकर बढ़ा आंतरिक टकराव

 

काठमांडू | 22 पुस, 2082 (6 जनवरी 2026)
नेपाली कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब विशेष महाधिवेशन की मांग कर रहे कार्यकर्ताओं ने पार्टी के पूर्व उपसभापति विमलेन्द्र निधि के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि निधि विशेष महाधिवेशन के रास्ते में बाधा बन रहे हैं।

घटना उस समय हुई जब निधि पार्टी की केंद्रीय कार्यसम्पादन समिति की बैठक में भाग लेने के लिए कार्यालय पहुंच रहे थे। कार्यालय के पूर्वी गेट से प्रवेश करते ही असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और नारे लगाने शुरू कर दिए।

क्यों हुआ निधि के खिलाफ विरोध?

कांग्रेस के भीतर लंबे समय से विशेष महाधिवेशन बुलाने की मांग उठ रही है। पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि वर्तमान नेतृत्व और संगठनात्मक संरचना में सुधार के लिए विशेष महाधिवेशन आवश्यक है।

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लेकिन विमलेन्द्र निधि को उस धड़े का नेता माना जाता है जो इस मांग को लेकर संकोच या विरोध के पक्ष में है। इसी कारण विशेष महाधिवेशन समर्थक कार्यकर्ता उन्हें अपनी मांगों के रास्ते में बाधक मानते हैं और उसी आक्रोश का प्रदर्शन पार्टी कार्यालय में देखने को मिला।

नारेबाजी और आमना-सामना

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने “विमलेन्द्र निधि मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए और उनकी गाड़ी को आगे बढ़ने नहीं दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

हालांकि, पुलिस द्वारा रोके जाने के बावजूद नारेबाजी जारी रही। इस दौरान निधि स्वयं भी कार्यकर्ताओं के विरोध में उतर आए और उन्होंने नाराबाजी कर रहे लोगों से तीखी प्रतिक्रिया में कहा—
“तुम कौन हो?

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निधि का बयान: ‘ऐसा व्यवहार कांग्रेस का नहीं हो सकता’

घटना के बाद निधि ने कहा कि पार्टी कार्यालय में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
उन्होंने बताया,

“पार्टी कार्यालय के बाहर गेट पर मुझे घेर लिया गया। गाड़ी आगे नहीं बढ़ने दी। जब पैदल अंदर जाने की कोशिश की तो चारों ओर से घेर लिया। गाड़ी के बोनट से चिपककर गालियां दी गईं। डरने की कोई बात नहीं है, लेकिन ऐसा व्यवहार कांग्रेस का नहीं हो सकता।”

उन्होंने यह भी कहा कि विशेष महाधिवेशन जैसे संवेदनशील विषयों पर शांत वातावरण में संवाद होना चाहिए, न कि नारेबाजी और व्यक्तिगत अपमान के जरिए।

विशेष महाधिवेशन समर्थकों का खंडन

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इस घटना के बाद विशेष महाधिवेशन के पक्षधर नेताओं ने एक औपचारिक विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में उनकी ओर से कोई भी कार्यक्रम या गतिविधि निर्धारित नहीं थी।

विज्ञप्ति में कहा गया,

“नेपाली कांग्रेस विशेष महाधिवेशन के पक्षधर समूह का पार्टी कार्यालय में किसी भी प्रकार का कार्यक्रम या गतिविधि नहीं था।”

कांग्रेस के भीतर बढ़ता असंतोष

पार्टी कार्यालय में हुई यह घटना कांग्रेस के भीतर बढ़ते आंतरिक असंतोष और गुटबाजी को उजागर करती है। विशेष महाधिवेशन को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद अब सार्वजनिक टकराव के रूप में सामने आने लगे हैं, जो आगामी राजनीतिक दिशा के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।

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