आचार संहिता लागू करने के लिए आयोग सक्रिय
काठमांडू, माघ १७ – निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता उल्लघंन को नियंत्रण करने का प्रयास कर रहा है ।
फागुन २१ गते को होने जा रहे प्रतिनिधिसभा सदस्य निर्वाचन को स्वच्छ, निष्पक्ष, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने के लिए आयोग ने निर्वाचन आचारसंहिता, २०८२ कार्यान्वयन में लाया है ।
आयोग सभी हितधारकों (सरोकारवाला)का ध्यान आचार संहिता के पूर्ण अनुपालन को सुनिश्चित करने की ओर आकर्षित करता रहा है । केन्द्रीय आचार संहिता अनुमगन समिति में प्राप्त शिकायत और जानकारी के आधारों में हाल तक राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और संस्थाओं को मिलाकर २१ से स्पष्टीकरण मांगे गए हैं । आयोग ने जानकारी दी है कि २१ में से अभी तक केवल पाँच का ही जबाव प्राप्त हुआ है बाकियों से जबाव मांगे जा रहे हैं ।
आयोग ने जानकारी दी है कि आचारसंहिता का उल्लंघन करते हुए मिथ्या एवं भ्रमपूर्ण और घृणास्पद अभिव्यक्ति देने वाले व्यक्तियों पर निगरानी रखने और गैरकानूनी कार्य करने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं पर नियामक निकायों के साथ सहकार्य कर कानूनी दायरे में लाने के लिए पहल की जा रही है । आयोग ने यह भी जानकारी दी है कि आयोग द्वारा स्थापना निर्वाचन सूचना सम्प्रेषण तथा समन्वय केन्द्र अन्तर्गत सूचना सदाचार प्रवद्र्धन इकाइ पूूर्णरूप में क्रियाशील हो गया है ।
आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई ने जानकारी दी कि इस इकाइ द्वारा पता लगाकर कुल ३०२ हानिकारक सूचना निर्वाचन आचारसंहिता, २०८२, विद्युतीय (इलेक्ट्रिोनिक) कारोबार ऐन, २०६३ और प्रेस कॉसिल ऐन, २०४८ के अनुसार कारवाई के लिए सम्वद्ध निकायों में भेजा जा चुका है ।
आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्वाचन के मर्यादा और स्वच्छता में प्रश्न उठाने जैसे किसी भी तरह की गतिविधि होने पर आयोग, मुख्य निर्वाचन अधिकृत के कार्यालय, निर्वाचन अधिकृत के कार्यालय, प्रदेश- जिला निर्वाचन कार्यालय तथा जिला आचारसंहिता अनुमगन अधिकृत समक्ष लिखित, मौखिक एवं विद्युतीय माध्यम से शिकायत दे सकते हैं ।


