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अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार्ट ट्रीटी खत्म,बढ़ा परमाणु युद्ध का खतरा

 

अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार्ट ट्रीटी खत्म हो चुकी है, जो कि स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन को लेकर थी। इस ट्रीटी के खत्म होने से ग्लोबल सिक्योरिटी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

अमेरिका और रूस के बीच यह समझौता 2010 में साइन किया गया था और जिसे 2026 तक बढ़ाया गया था, लेकिन अब 5 फरवरी 2026 को दोनों देशों के बीच यह समझौता खत्म हो चुका है।

न्यू स्टार्ट ट्रीटी के खत्म होने से बढ़ी असुरक्षा
अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार्ट ट्रीटी 5 फरवरी, 2011 को लागू की गई थी। इसकी वैलिडिटी 10 साल की थी, जिससे यह समझौता 5 फरवरी 2021 को समाप्त होना था।

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बाद में दोनों देशों की सहमति से इसे पांच साल के लिए और बढ़ा दिया गया, जिससे अब 5 फरवरी 2026 को यह न्यू स्टार्ट ट्रीटी खत्म हो गई।

रूस ने दिया आधिकारिक बयान
रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘दोनों पक्ष अब संधि के प्रावधानों से बंधे नहीं हैं और अपने अगले कदम तय करने के लिए स्वतंत्र हैं।’ मंत्रालय ने कहा कि रूस स्ट्रैटेजिक स्थिति को स्थिर करने के लिए राजनीतिक और राजनयिक प्रयासों के लिए खुला है।

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मंत्रालय ने आगे कहा, रूस को 5 फरवरी को संधि की समाप्ति के बाद न्यूक्लियर हथियारों की सीमा पर स्वैच्छिक रोक बढ़ाने के रूसी पहल पर संयुक्त राज्य अमेरिका से कोई औपचारिक आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।

क्या दोनों देशों के बीच होगा नया समझौता?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने जनवरी 2026 में कहा था कि वह इस ट्रीटी के खत्म होने को लेकर टेंशन में नहीं है। ट्रंप ने उम्मीद भी जताई थी कि दोनों पक्ष एक नए समझौते पर पहुंचेंगे।

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस चूक को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि यह इतने लंबे समय में पहली बार है कि दोनों देशों के स्ट्रैटेजिक न्यूक्लियर हथियारों पर कोई रोक नहीं है, जिनके पास मिलकर दुनिया के अधिकांश न्यूक्लियर हथियार हैं।

गुटेरेस ने दोनों देशों से बातचीत की मेज पर लौटने और जोखिमों को कम करने और सत्यापन योग्य सीमाओं को बहाल करने के लिए एक उत्तराधिकारी ढांचा बनाने का आग्रह किया।

 

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