तीन दिवसीय इंडो–नेपाल ट्रेड फेस्टिवल २०२६ सफलता पूर्वक संपन्न
काठमांडू, फागुन १५ –

नेपाल–भारत के बीच बहुआयामी आर्थिक, प्राविधिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊँचाई पर पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय इंडो–नेपाल ट्रेड फेस्टिवल २०२६ सफलता पूर्वक संपन्न हो गया है । भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित इस महोत्सव में निवेश प्रोत्साहन, ऊर्जा साझेदारी, डिजिटल अर्थव्यवस्था, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा सशक्तिकरण और नवाचार के क्षेत्रो में सुदृढ़ सहयोग की अनिवार्यता पर साझा निष्कर्ष निकाला ।

“ Connecting People, Enhancing Bilateral Trade के इस मूलनारे के साथ आयोजित यह महोत्सव Everest Chamber of Commerce (ECCI) के मुख्य आयोजन में संपन्न हुआ । आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम में नेपाल पर्यटन बोर्ड तथा व्यापार तथा निकासी प्रवद्र्धन केन्द्र ने सहयोग किया । हौजखास स्थित एज्म् भवन में आयोजित इस महोत्सव में ५० से अधिक स्टॉल लगाए गए थे तथा २० हजार से अधिक दर्शकों की सहभागिता थी ।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए भारत के लिए नेपाली राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा ने भारत में नेपाल के पर्यटन प्रवद्र्धन को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया । निर्यात संरचना में विविधीकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि सोयाबीन तेल और पाम ऑयल पर निर्भरता कम कर अन्य उत्पादों के विस्तार की आवश्यकता है ।
इसी तरह विशेष अतिथि मनु महावर (अतिरिक्त सचिव, भारत सरकार) ने नेपाल में होनेवाले आम चुनाव के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए बताया कि भारत ने आवश्यक लॉजिस्टिक सहयोग उपलब्ध कराया है । उन्होंने जानकारी दी कि भारत–नेपाल स्टार्टअप साझेदारी के अंतर्गत ४० नेपाली उद्यमियो Indian Institute of Technology Madras में प्रशिक्षण प्रदान किया गया । जिनमें से कुछ उद्यमियों का चयन इन्क्यूबेशन और निवेश के लिए भी हुआ है । इसी तरह एक और सत्र था “Harnessing Himalayan Hydropower” । इस सत्र में ऊर्जा उत्पादन, व्यापार उदारीकरण, ट्रांस मिशन लाइन सुदृढ़ीकरण और स्थिर नीतिगत वातावरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया ।“Indo–Nepal Banking & FinTech Business Opportunities and Challenges” इस सत्र में रामायण सर्किट, बुद्ध सर्किट, साहसिक पर्यटन, वेलनेस और डेस्टिनेशन वेडिंग को एकीकृत रणनीति के तहत आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई ।
मीडिया, विश्वास और डिजिटल युग
इस सत्र में डिजिटल युग में जिम्मेदार पत्रकारिता के महत्व पर बल दिया गया।


एआई, स्टार्टअप और विजन २०३० इस सत्र में प्रतिस्पर्धा की बजाय सहयोग की प्राथमिकता देने का निष्कर्ष सामने आया । नेपाल के हरित ऊर्जास्रोत और युवाजन शक्ति कोडेटासेंटर और एआईइ को सिस्टम के लिए अवसर के रूप में प्रस्तुत किया गया ।


