विराटनगर से 34 सदस्यीय धार्मिक जत्था झारखंड के प्रसिद्ध मंदिर भोमिया जी मंदिर में पूजा अर्चना हेतु रवाना हुए
विराटनगर जोगबनी ( सीमा क्षेत्र ) । श्री सम्मेद शिखरजी के लिए जोगबनी–विराटनगर से श्रद्धालुओं का जत्था रवाना जैन धर्म के सर्वोच्च तीर्थों में से एक पारसनाथ पर्वत स्थित श्री सम्मेद शिखरजी की पावन यात्रा के लिए जोगबनी से लगभग 35 श्रद्धालुओं का एक जत्था आज भक्तिभाव के साथ रवाना हुआ। सभी श्रद्धालु विराटनगरवासी हैं और सामूहिक रूप से इस आध्यात्मिक पदयात्रा में भाग लेंगे।
यह पावन तीर्थ झारखंड राज्य के गिरिडीह जिला में स्थित है तथा इसकी ऊँचाई लगभग 1,365 मीटर है, जो झारखंड की सबसे ऊँची चोटी मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहाँ 24 में से 20 तीर्थंकरों ने मोक्ष (निर्वाण) प्राप्त किया, जिस कारण इसे जैन समाज का अत्यंत पवित्र और पूजनीय तीर्थ माना जाता है।
पूरी यात्रा लगभग 27 किलोमीटर की चढ़ाई-उतराई सहित होती है। आधार ग्राम मधुबन से श्रद्धालु प्रातः 2 से 4 बजे के बीच यात्रा आरंभ करते हैं, ताकि दोपहर पूर्व वापसी हो सके। पर्वत पर लगभग 31 प्रमुख टोंक (चरण पादुका स्थल/छोटे मंदिर) हैं, जहाँ श्रद्धालु दर्शन-पूजन करते हैं। कई श्रद्धालु परंपरानुसार नंगे पाँव चढ़ाई कर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
इस जत्थे में किरण डागा, विजय सुराणा, पारस संचेती, मनोज लालवानी, गौतम डागा, अनिल लालवानी, चंदा सुराणा, चन्दना संचेती सहित लगभग 35 श्रद्धालु शामिल हैं। इसके अतिरिक्त राजश्री डागा, गौतम प्रभा भूरा , दिलीप बोथरा, विनय–ममता पारख, बजरंग मालू, प्राची जैन, महेंद्र कोठारी आदि श्रद्धालु भी यात्रा में सम्मिलित हुए।जत्थे के प्रस्थान के अवसर पर परिजनों एवं समाजजनों ने मंगलकामनाएँ देते हुए सभी की सुरक्षित एवं सफल यात्रा की कामना की। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह यात्रा आत्मशुद्धि, तप और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का अनुपम अवसर है। प्रस्तुति, माला मिश्रा

हिमालिनी प्रतिनिधि विराटनगर जोगबनी ( सीमा क्षेत्र)

