पूर्व प्रधानमंत्री ओली को देर रात हिरासत में लिया गया, जेन-जी आंदोलन दमन मामले में बड़ी कार्रवाई
काठमांडू: २८ मार्च ०२६। नेपाल की राजनीति में शुक्रवार देर रात बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री को भक्तपुर के गुण्डु स्थित उनके निवास से हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई जेन-जी आंदोलन के दमन से जुड़े कथित ‘ज्यानसम्बन्धी’ (मृत्यु से जुड़े) मामले की जांच के तहत की गई है।
पुलिस इससे पहले पूर्व गृहमंत्री को भी गिरफ्तार कर चुकी थी। बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय की ओर से आधिकारिक पत्र मिलने के बाद पुलिस ने दोनों नेताओं के खिलाफ जांच शुरू की और उसी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
यह मामला के नेतृत्व वाले आयोग की रिपोर्ट से जुड़ा है। आयोग ने अपनी जांच में तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, तत्कालीन गृहमंत्री रमेश लेखक और उस समय के पुलिस महानिरीक्षक के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की थी।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए लिखित आदेश मांगा था। इसके बाद देर रात गृह सचिव और कानून सचिव पुलिस मुख्यालय पहुंचे और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
इधर, पूरे काठमांडू घाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गिरफ्तारी को लेकर शुक्रवार देर रात तक गृहमंत्री सुरक्षा प्रमुखों के साथ लगातार बैठक करते रहे।
कार्की आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक इन नेताओं के खिलाफ मुलुकी फौजदारी संहिता की धारा 181 और 182 के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
- धारा 181 के तहत लापरवाही से किसी की मृत्यु होने पर 3 से 10 साल तक की जेल और 30 हजार से 1 लाख रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है।
- वहीं धारा 182 में लापरवाही या असावधानी से किसी की मृत्यु होने पर 3 साल तक की सजा और 30 हजार रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है।
पूर्व प्रधानमंत्री ओली की गिरफ्तारी से नेपाल की राजनीति में भारी हलचल मच गई है। राजनीतिक दलों और समर्थकों के बीच इस कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना जताई जा रही है।



