प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से कोशी प्रदेश के सांसदों की मुलाकात, ओली की रिहाई की मांग उठी
काठमांडू, 31 मार्च 026।: प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में सोमवार को कोशी प्रदेश से निर्वाचित सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में देश में सुशासन, शांति और दीर्घकालिक विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
बैठक के दौरान सांसदों ने कहा कि नेपाल में स्थायी विकास और सुशासन के लिए राजनीतिक स्थिरता, शांति और सहमति आवश्यक है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की जा रही कार्रवाई को तुरंत रोका जाए और सहित अन्य नेताओं को तत्काल रिहा किया जाए। सांसदों का कहना था कि सरकार को टकराव की राजनीति से बचते हुए संवाद और सहमति के माध्यम से आगे बढ़ना चाहिए, तभी जनता की विकास संबंधी अपेक्षाओं को पूरा किया जा सकता है।
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि नेपाल को विकास के लिए ऋण पर निर्भरता कम करते हुए अनुदान आधारित अंतरराष्ट्रीय निवेश को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके साथ ही संखुवासभा जिले के विकास से जुड़े कई बड़े प्रस्ताव प्रधानमंत्री के माध्यम से सरकार के समक्ष रखे गए।
सांसदों ने विश्व के पांचवें सबसे ऊँचे पर्वत और उसके बेस कैंप को से जोड़कर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। इसी तरह को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन केंद्र बनाने और स्थानीय लोगों के लिए निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी मांग की गई।
सांसदों ने चीन सीमा से जुड़े को जल्द से जल्द कस्टम और इमिग्रेशन सुविधा के साथ संचालन में लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही बिराटनगर–चतरा–खांदबारी–किमाथांका सड़क को अंतरराष्ट्रीय स्तर के तेज राजमार्ग के रूप में विकसित करने तथा चतरा–लेगुवा ट्रैक खोलकर कोशी राजमार्ग की दूरी कम करने का सुझाव दिया गया।
बैठक में पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास पर भी चर्चा हुई। सांसदों ने , , और जैसे स्थलों को आंतरिक पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की मांग की।
इसके अलावा अलैंची, रुद्राक्ष, कॉफी, चाय और जड़ी-बूटी आधारित ग्रामीण उद्योग स्थापित कर गांव-गांव में रोजगार सृजन करने, खांदबारी और चैनपुर अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने तथा दूरदराज के क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि विकास कार्यक्रम चलाकर पलायन को कम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
सांसदों ने को शीघ्र शुरू करने तथा संखुवासभा में संचालित अन्य जलविद्युत परियोजनाओं को स्थानीय हितों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ाने की मांग भी की। साथ ही जिले के दुर्गम इलाकों में दूरसंचार और इंटरनेट सेवाओं में सुधार तथा सिलीचुंग और भोटखोला जैसे क्षेत्रों तक पक्की सड़क पहुंचाने पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित कराया गया।
बैठक को कोशी प्रदेश और विशेष रूप से संखुवासभा जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सांसदों ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर जल्द ही आवश्यक कदम उठाएंगे ।



