Sat. Jul 4th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

जनकपुर में हजारौ की संख्या में जुलुस प्रदर्शन, दर्जनौं संघ संस्था भी उतरे

 

1कैलास दास,जनकपुर । २३, अगस्त |

मधेशी लोकतान्त्रिक मोर्चा सहित के मोर्चा द्वारा मधेश बन्द के समर्थन में रविवार को जनकपुर में विशाल प्रर्दशन किया गया है । करीब १० हजार से ज्यादा की सहभागिता में निकाला गया जुलुस नगर के विभिन्न चौक में प्रदर्शन किया था ।

करीब एक दर्जन से ज्यादा संघ संस्था की सहभागिता में जनकचौक से ‘अधिकार के लिए ऐक्यबद्धता’ जुलुस मधेश आन्दोलन २ के जनकपुर में सबसे बडा होने का जनकपुरवासी का विश्लेषण है ।

ऐक्यबद्धता जुलुस में जनकपुर उद्योग वाणिज्य संघ, स्थानीय युवा क्लव, कर्मचारी, शिक्षण संस्था, निजी बैंक का कर्मचारी, समाजसेवी, पत्रकार, वकिल, अधिवक्ता, चिकित्सक, महिला अधिकारकर्मी सहित के सहभागिता थी | सभी ने ‘अन्तिरम संविधान के धारा १३८ (१) अनुरुप संघीयता को सुनिश्चिता, मधेश आन्दोलन, अमर शहीदो को सम्मान और सहमति की सुनिश्चिता बैनर लेकर जुलस प्रदर्शन किया था ।

सहभागी सभी ने विगत में हुये सम्झौता कार्यान्वयन किया जाए, संघीयता सहित के संविधान जारी होना चाहिए नारा लगाया था ।

2मधेश आन्दोलन २०६३/०६४ के बाद मधेश आन्दोलन ३ में प्रथम बार मानवसागर देखा गया बुद्धिजीवियो को विश्लेषण है । आन्दोलन को रविवार ९ दिन होने के बाद भी सरकार ने आन्दोलन को सम्बोधन नही किया गया इसलिए बाध्य होकर मधेश का सभी संघ संस्था सडक में आने से बाध्य हुआ विश्लेषक को धारणा है । मधेशी जनता के वर्तमान माँग नही पुराना ही माग को सम्झौता संविधानमा कार्यान्वयन कराने को आन्दोलन को लक्ष्य है ।

उसी प्रकार मधेश संघर्ष समिति ने भी जनकचौक से रविवार ४ बजे थाली जुलुस प्रदर्शन किया था। समिति का संयोजक संयोजक सरोज मिश्र के अगुवाई में जनकचौक से निकला थाली जुलुस जिला प्रहरी कार्यालय, जिला प्रशासन कार्यालय कदमचौक, भानुचौक होते हुए जनक चौक में कोणसभा में परिणत हुआ था ।

बन्दका कारण जनजीवन दिनप्रतिदिन कष्टकर बन रहा है । शिक्षण संस्था, यातायात, कलकारखाना बन्द है तो दैनिक मजदुरी कर जीविकोपार्जन वालो को कष्टकर बनती जा 4रही है । बन्द का कारण दैनिक उपभोग्य वस्तु को भी पनि अभाव सृजना होने लगा है ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed