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ट्रंप और शी चिंनफिंग की मुलाकात पर ईरान और ताइवान के मुद्दों के हावी रहने की उम्मीद

 

काठमान्डू

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीनी नेता शी चिंनफिंग गुरुवार को बीजिंग में एक उच्च-स्तरीय वार्ता करने जा रहे हैं। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच होने वाली इस चर्चा में व्यापार, ईरान और ताइवान के मुद्दों के हावी रहने की उम्मीद है।

इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के दौरान शी चिंनफिंग द्वारा ट्रंप का पूरे राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया जाएगा, जिसमें औपचारिक भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। 2017 के बाद लगभग एक दशक में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की यह पहली चीन यात्रा है।
दोनों ही पक्षों को उम्मीद है कि इस सम्मेलन से उनके लगातार तनावपूर्ण होते रिश्तों में स्थिरता आ सकेगी। गौरतलब है कि टैरिफ, प्रौद्योगिकी और ताइवान जैसे मुद्दों को लेकर वाशिंगटन और बीजिंग के बीच संबंध हाल के वर्षों में काफी खराब हुए हैं।

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ट्रंप ने कहा है कि उन्हें ईरान और व्यापार के मुद्दे पर शी चिंनफिंग के साथ एक लंबी बातचीत की उम्मीद है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अनुसार, वाशिंगटन को उम्मीद है कि खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव को लेकर बीजिंग तेहरान पर दबाव बनाएगा।
यह यात्रा ट्रंप के लिए राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील समय पर हो रही है, क्योंकि घरेलू स्तर पर ईरान संघर्ष और महंगाई की चिंताओं के कारण उनकी लोकप्रियता में गिरावट आई है।

ट्रंप कृषि और विमान बिक्री से जुड़े प्रमुख व्यापारिक समझौते हासिल करने की उम्मीद कर रहे हैं, साथ ही वह पिछले साल शी चिंनफिंग के साथ हुए टैरिफ युद्धविराम को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं।

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हालांकि, ताइवान, दुर्लभ खनिजों के निर्यात और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर लंबे समय से चले आ रहे मतभेद अभी भी इस सम्मेलन पर अपनी छाया डाल रहे हैं। बीजिंग ने अपने मतभेदों को प्रबंधित करने की इच्छा जताई है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि यह वार्ता अमेरिका-चीन संबंधों और वैश्विक बाजारों के भविष्य की दिशा तय कर सकती है।

टॉप कारोबारी प्रतिनिधिमंडल में शामिल
डोनल्ड ट्रंप अमेरिका के कुछ सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों के साथ बीजिंग पहुंचे हैं, क्योंकि वह इस यात्रा के दौरान बड़े वाणिज्यिक समझौते पक्के करना चाहते हैं। राष्ट्रपति के साथ यात्रा करने वालों में एनवीडिया के प्रमुख जेन्सेन हुआंग और टेस्ला व स्पेसएक्स के अरबपति सीईओ एलन मस्क शामिल हैं। यह वार्ता में प्रौद्योगिकी और व्यापार के भारी महत्व को रेखांकित करता है।

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खबरों के मुताबिक, जब ट्रंप को पता चला कि जेन्सेन हुआंग को शुरुआत में प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं किया गया था, तो उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उन्हें इस यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और चीन के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर निर्यात और उन्नत प्रौद्योगिकी को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है। चीन को उन्नत AI चिप्स के निर्यात पर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण एनवीडिया की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

 

 

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