Fri. Jul 17th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

आर्थिक ताकत से डराने वाला अमेरिका अब खुद भारी संकट में,अमेरिका पर करीब 31.27 लाख करोड़ डॉलर का कर्ज

 

मार्च के आखिर तक अमेरिका पर करीब 31.27 लाख करोड़ डॉलर का कर्ज पहुंच गया, जबकि उसकी जीडीपी 31.22 लाख करोड़ डालर रही। यानी अमेरिका जितना कमा रहा है, उससे ज्यादा कर्ज में डूब चुका है . दुनिया को अपनी आर्थिक ताकत से डराने वाला अमेरिका अब खुद भारी संकट में फंसता दिख रहा है। पहली बार अमेरिका का सार्वजनिक कर्ज उसकी पूरी अर्थव्यवस्था से भी बड़ा हो गया है।

अब डर सिर्फ कर्ज का नहीं, बल्कि उस खतरे का है जो अमेरिका की नींव हिला सकता है। खाड़ी देशों का भरोसा अमेरिका से कमजोर पड़ने लगा है। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर बढ़ते हमलों के बाद खाड़ी देश अपने निवेश पर दोबारा विचार कर रहे हैं।

यह भी पढें   मेची राजमार्ग अंतर्गत इलाम के गोलाखर्क–राजदुवाली सड़क खण्ड अवरुद्ध

खाड़ी देशों ने अमेरिका में करीब दो लाख करोड़ डालर का निवेश कर रखा है। इसमें अमेरिकी बांड, शेयर बाजार, रियल एस्टेट और हथियार तक शामिल हैं।

अमेरिका किसी भी विदेशी देश को पैसा निकालने से रोक नहीं सकता। यही उसकी सबसे बड़ी मजबूरी है। अमेरिकी बाजार की ताकत यह है कि कोई भी कभी भी पैसा लगा सकता है और निकाल सकता है, लेकिन अब यही खुलापन खतरा बन गया है।

यह भी पढें   भारतीय विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनु महावर आज नेपाल दौरे पर

विशेषज्ञों को डर है कि अगर खाड़ी देशों ने बड़े पैमाने पर अमेरिकी संपत्तियां बेचनी शुरू कर दीं, तो शेयर बाजार और बांड बाजार में भारी गिरावट आ सकती है। ठीक वैसा ही संकट पैदा हो सकता है जैसा 2008 की मंदी में हुआ था। बाजार टूटेंगे, कर्ज बढ़ेगा और पूरी दुनिया में आर्थिक झटका महसूस होगा

इस खतरे से बचने के लिए अमेरिका अब स्वैप लाइन का सहारा ले रहा है। इसके तहत अमेरिकी फेडरल रिजर्व दूसरे देशों को डालर देता है ताकि वे अपनी अमेरिकी संपत्तियां बेचने पर मजबूर न हों।

यह भी पढें   कमला नदी को बचाने के लिए आयोजित किया गया जागरुकता अभियान

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *