अमरेश सिंह को निष्कासित करने पर नेपाली कांग्रेस आतुर
अगस्त २७, काठमाडौं ।
अंततःनेपाली कांग्रेस इस नतीजे पर पहुंची है कि वह सभासद अमरेश सिंह को जितना जल्द हो पार्टी से निकल दे | नेपाली कांग्रेस के कुछ लोग बहुत पहले से इस दिन का इंतजार कररहे थे | अमरेश सिंह खुल्लम खुल्ला मधेशी का वकालत करते आये हैं | पछले दिनों उन्होंने स्पष्ट कह दिया था कि काठमांडू की जनता क्या कहती है इससे उनको कोई मतलब नही है मधेश की जनता जो कहेगी वे वही वे करगें | इन सारी बातों के आलावा उन पर अभी दंगा भरकाने का आरोप भी लगाया जा रहा है | अमरेश अभी बहर नहीं दिख रहे हैं | कुछ दिन पहले उन्होंने कहा था कि उनकी जन पर खतरा है | अभी टिकापुर की घटना को लेकर माहौल भी गरम है | नेपाली कांग्रेस के अनुशासन समिति कल्ह बुधवार अमरेश सिंह को २४ घण्टे स्पष्टीकरण पत्र काटा था । लेकीन अब तक कांग्रेस पार्टी नें अमरेश सिंह के पास बुझा नहीं सका है । पत्र नेता सिंह को बुझाने के लिए कर्मचारी को लगाने पर भी ऐसा सम्भव नहीं हो पाया है । एक कांग्रेस के नेता नें यह बाताया है की नेता अमरेश सम्पर्क में नहीं आ रहें है । अगर ऐसा होता रहा तो हम घर में ही पत्र साटेंगें यह पार्टी का निर्णय है । नेता सिंह निर्धारित समय के भितर पार्टी में जवाफ नहीं दिया तो पार्टी अनुशासन की कारबाई करने की तयारी किया है ।
अनुशासन समिति पार्टी के विधान और नियमावली, कसूर देखकर सम्झाने की, चेतावनी देने की निलम्बन या पार्टी सदस्यता से निष्कासन समेत कर सकता है । विधान के दफा ३४ के उपदफा १(ख) अनुसार अनुशासन समिति अनुशासन के कारबाइ करने से पहले अपना सफाई देने का मौका अभियोग लगा व्यक्ति को देना परेगा । दफा ३४ के उपदफा २ अनुसार निलम्बन ज्यादा में ६ महिना और निश्कासन ज्यादा में ३ साल के लिए हो सकता है । इसी तरह ‘दल त्याग एन’ अनुसार संसदीय दल के नेता सभामुख को अनुरोध किया तो नेता सिंह को सांसद पद भी निलम्बन हो सकता है । कैलाली के टिकापुर लगायत के क्षेत्र में हुए कार्यक्रम में पार्टी अनुशासन विपरित अभिव्यक्ति और हिंसा भड्काने की सहयोगी होने का करार देते हुए अनुशासन समिति नें सिंह को पत्र काटा है । अनुशासन समिति पार्टी विधान और नियमावली नियम ४१ का उपनियम १ और २ के क,ख,घ,ङ और ज अनुसार स्पष्टीकरण माग किया है । इससे पहले सभापति एवम् प्रधानमन्त्री सुशील कोइराला के निर्देशन में मुख्य सचेतक चीनकाजी श्रेष्ठ नें नेता सिंह के साथ स्पष्टीकरण माग किया था ।

