पूर्वी तराई की हिंसक घटनाओं पर 10 छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया, गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग

सुनसरी, सिराहा और पूर्वी तराई के अन्य जिलों में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं पर 10 छात्र संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए गृहमंत्री सुधन गुरुङ से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है।
गुरुवार को जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में छात्र संगठनों ने हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और उनके प्रभावी उपचार की मांग की।
संगठनों का कहना है कि घटना के शुरुआती चरण में सरकार और प्रशासन की गंभीर लापरवाही के कारण स्थिति और अधिक जटिल तथा संवेदनशील बन गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा प्रबंधन में कमी और सेना की तैनाती जैसे कदमों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ा।
छात्र संगठनों ने कहा कि देश के गंभीर संकट के समय प्रभावी नेतृत्व देने में विफल रहने के कारण गृहमंत्री को घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
धार्मिक सहिष्णुता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील करते हुए संयुक्त छात्र संगठनों ने शुक्रवार दोपहर 3 बजे काठमांडू के मैतीघर मण्डला में ‘सद्भाव रैली’ आयोजित करने की घोषणा की है।
विज्ञप्ति में सभी छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से इस रैली में शामिल होकर शांति, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के समर्थन में अपनी एकजुटता व्यक्त करने का आह्वान किया गया है।
साथ ही, संगठनों ने सरकार से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर जल्द से जल्द शांति बहाल करने की मांग भी की है।