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मधेश अब खुद पर यकीन कर सकता है दूसरों पर नहीं,

 

काठमांडू,२ जून |

मधेश आन्दोलन में मधेशियों ने जो एकता दिखाई थी, मधेशियों की वो एकजूटता एकबार फिर नजर आई । मधेशी क्षेत्र में यह पहली बार हुआ है कि जहाँ जहाँ से निजामती कर्मचारी चुनाव में मधेशी मूल के प्रतिनिधि थे उन्होंने जीत हासिल की है । यह सिर्फ जीत नहीं है अगर देखा जाय तो यह इस बात का द्योतक है कि मधेशी अब मधेशियों पर ही यकीन करने का मन बना चुके हैं । यह एक झाँकी है जो आनेवाले कल में अगर चुनाव होता है तो मधेश का रुझान क्या होगा यह बता रहा है ।

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कल हुए आधिकारिक ट्रेड यूनियन के निर्वाचन में जो परिणाम आए हैं वो उत्साहित करने वाले हैं । ८.४प्रतिशत मधेशियों की उपस्थिति रहे इस

madheshi karmchari manchचुनाव में नेपाल मधेशी निजामती कर्मचारी मंच ने ७.४८ प्रतिशत मत प्राप्त कर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है । मंच ने नवलपरासी, रौतहट, धनुषा, सर्लाही, महोत्तरी, सिरहा और सप्तरी में प्रथम स्थान और बारा में दूसरा स्थान, मोरंग, सुनसरी, पर्सा और कपिलवस्तु में तीसरा स्थान और बर्दिया में चौथे स्थान पर अपनी सहभागिता जताई है । यह आँकड़ा बता रहा है कि मधेशी अब किसी और समुदाय पर यकीन करने की मनःस्थिति में नहीं हैं । उनके अन्दर मधेशी की भावना ने घर बना लिया है । काश मधेशी नेताओं में भी यह भावना ईमानदारी से आई होती तो मधेश की यह हालत नहीं होती । इस चुनाव परिणाम से मधेशी नेताओं को सीख लेनी चाहिए कि एकता में ही बल है और यही मंजिल के करीब ले जा सकता है । सत्ता भी सतर्क हो रही होगी क्योंकि आगामी चुनाव की झलकियाँ उन्हें मिल गई है । मधेश अब अपने अधिकार के प्रति सतर्क हो चुका है और अब उनके मनोबल को तोड़ा नहीं जा सकता ।

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