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जनता का वर्तमान बिगाड़ कर सरकार अपना भूत व भविष्य निर्माण में जुटी है ।

 

२७ जून, काठमाण्डू, मालनी मिश्र ।

एक तरफ सरकार भूत व भविष्य दोनों में अपनी स्थिति का आर्थिक रुप से अच्छी बनाये रखने के लिए नियम पर नियम बना रही है दूसरी तरफ देश के पुनर्निर्माण काम के लिए अन्य देशों से आने वाले अनुदान के रकम की उचित रुप से होने वाली व्यवस्था भी नही कर पा रही है । सरकार पूर्व पदाधिकारियों को आजीवन सुविधा देने के विधेयक पारित करने की तैयारी में लगी है ।

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गृह मंत्रालय नें सभी विशिष्ट लोगों अर्थात पूर्व राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, प्रधानन्यायाधीश व पूर्वसभामुख सहित अंय लागों को आजीवन सुविधा देने का नियम तैयार कर रही है , जिसमें, विलासी गाडी, आवास,मासिक वृत्ति आदि की होंगे । दूसरी तरफ, देश की स्थिति को बनाये रखने के लिए पुनर्निर्माण प्राधिकरण की सुस्ती के कारण दाता के साथ हुए समझौते की रकम का उपयोग ही नही हो पाया है । जितनी बडी समझौते की रकम थी उसके अनुसार तो काम अब तक समाप्त हो जाना था पर अब काम की थोडी बहुत शुरुआत हुई है । काम आगे नही बढ पा रहा है ।

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पिछले वर्ष हुए अन्तर्राष्ट्रिय सम्मेलन में २४ दाता निकायों एवं सरकार के बीच समझौता हुआ था पर उनमें से मात्र ९ के साथ ही सरकार ने सहयोग की घोषण की है । सहयोग के लिए प्रतिबद्ध १४ देश व दाता निकायों के साथ अभी भी समझौता नही हो पाया है । साउदी फंड, आस्ट्रि, पाकिस्तान, टर्की, फिंलैण्ड, श्रीलंका, स्वीडेन, कोरिया आदि देशों के साथ अभी भी समझौता होना बाकी ही है ।

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