Wed. May 13th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

अब क्यों खून बहाएँ, इस सरकार ने भी धोखा दिया तो आगे का रास्ता खुला है:महन्थ ठाकुर

 

tamlopa students

विजेता चौधरी, काठमाण्डू, २१ साउन | तराई–मधेस लोकतान्त्रिक पार्टी के अध्यक्ष महन्थ ठाकुर ने आज एक कार्यक्रम के दौरान कहा– हम सत्ता में जरुर जाएँगे, लकिन कब जायेगे इसका खुलासा नही किया |  उन्होंने सरकार से मिलने पर शंका–आशंका न करें कहते हुए बताया ये सरकार हम से बात करने के लिए तैयार है इसीलिए हमें भी उनसे बात करने के लिए तैयार होना होगा । उन्होंने कहा कि हमने कभी आत्मसर्मपण नही किया था ना ही करेंगे ।

तराई–मधेस विद्यार्थी फ्रन्ट के आठवें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में बोलते हुए ठाकुर ने–तीन बुँदे सहमति के विषय में कहा कि तीसरे बुँदे में मतदान की बातें थीं जो हमने किया, अब दो बुँदा पर विमर्श आगे बढ़ाया जाएगा – जो माँग हमने पहले ही लिखित रूप में प्रस्तुत कर दिया है उन्हीं माँगों को तीन बुँदा के अन्तर्गत हम अब विमर्श करेंगें ।

ठाकुर ने समस्या के समाधान के लिए कहा कि क्यो अब खून बहाएँ ? इस सरकार ने भी धोखा दिया तो फिर आगे का रास्ता खुला है । उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा मुद्दा मात्र देश का नही रह जाता है, अगर यहाँ से कार्यवाही नहीं हुई तो दूसरे जगह से होता है । उन्होंने कहा हम लोग अभी भी आन्दोलन के अवस्था में है, आन्दोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है ।

ठाकुर ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा यू मस्ट स्टप योर रुल इन मधेस । उन्होंने यूरोपियत उपनिवेशवाद समाप्त होगया लेकिन हमारे नेपाल में अभी भी उपनिवेशवाद कायम है उस से मुक्ति जब तक नहीं मिलेगा हम तबत क लडेगें बताया ।

यह भी पढें   मधेश को “समझने” नहीं, सुनने की ज़रूरत है : राकेश मिश्रा

सरकार की आलोचना करते हुए ठाकुर ने कहा कि ये लोग बारम्बार धोखा देते आ रहे हैं । जब कभी भी मधेस का प्रश्न उठा है तो ये लोग गोर्खाली बन जाते है, फिर भी उनसे ही हमारा सरोकार है । अभी से शंका नहीं करने का उन्होंने आग्रह किया ।

तमलोपा पार्टी कार्यालय में आयोजित वर्तमान राजनीतिक अवस्था एवम् मधेस के राजनीतिक सवाल विषयक अन्तरसंवाद कार्यक्रम में बोलते हुए नेपाल सदभावना पार्टी के अध्यक्ष अनिलकुमार झा ने कहा संसदवादी राजनीति समझौता परस्त राजनीति है, इसी लिए तीन बुँदा सहमति को लागु करबाने के लिए हमें लगना होगा ।

तीन बुँदे सहमति के विषय में बोलते हुए झा ने कहा सहमति सात बुँदे भी हो सकता था लेकिन ७ बुँदे को तीन बुँदे करने में हमारी भी सहमति थी । ७ बुँदे प्रस्तावना में दो तीन दिन और लगता लेकिन इतने समय में वहाँ कम्पलीकेशन हो सकता था । उन्होंने समर्थन के विषय में जनता को आस्वस्त रहने को कहते हुए कहा समर्थन व विरोध हम फिर्ता ले सकते हैं दो तिहाइ के लिए सब को चलना है, इसे मिलाकर ले जाना है और ये होगा दृढ विश्वास व्यक्त करते हुए अध्यक्ष झा ने कहा इसी लिए हम ने सहमति पर हस्ताक्षर किया है ।

यह भी पढें   सीमा पर सख्ती या मधेश को अस्थिर करने की साजिश ?

कार्यक्रम में पहुँचे राजनीतिक विश्लेषक सीके लाल ने सरकार में जाने बाले दलों को इंगित करते हुए कहा– इन को मौका दें ये कोशिश कर रहें हैं । उन्होंने संसदीय राजनीति समझदारी की राजनीति है चेताते हुए दलों को कहा संसदीय संतुलन कायम रखें ।

कार्यक्रम में संघीय समाजवादी फोरम के उपाध्यक्ष लालबाबु राउत ने कहा सत्ता के राजनीति से हमें बाहर रहना होगा तथा बाहर से ही हमें दबाब श्रृजना करना होगा ।

मानवअधिकारवादी एवम् अधिवक्ता दीपेन्द्र झा ने अपना विचार रखते हुए कहा तीन बुँदा सहमति मे से बुदा तीन मतदान की थी जो समप्त हो गई लेकिन बुँदा नं १ अंक निवा का तमुसक लिखागया है । उस में अंक ही नहीं है कहा । उन्होंने दलों को कहा आप लोगों के पास खुला मौका है सरकार के साथ डिल करने को ।

दल के पास ३० से ६० दिन का हद म्याद है कहते हुए अधिवक्ता झा ने कहा अभी ही मूल्यांकन न करें ।

राजनीतिक विश्लेषक तुलानारायण साह ने खा कि संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा द्वारा काँग्रेस–माओवादी के साथ किये गये तीन बुँदे सहमति फेस सेभिङ्ग के लिए  कागज का रुमाल है । जिससे मोर्चा अपना मुह छिपा सकता है |  साह ने मधेस की पिछडी हुइ शिक्षा के विषय में भी सवाल उठाएँ ।

यह भी पढें   सीमा पर सख्ती या मधेश को अस्थिर करने की साजिश ?

DSCN3003

कार्यक्रम में बोलते हुए सदभावना के महासचिव मनिष सुमन ने कहा ११ नेताओं ने तीन बुँदे सहमति किया है, इन पर शंका करना वाजीव है लेकिन किया क्या जाए विकल्प नहीं है उन्होेंने विवश्ता व्यक्त करते हुए कहा संसदीय राजनीति सब से सहज रास्ता है लेकिन इस रास्ते पर हमारी पहुँच कब होगी ये कहा नहीं जा सकता बताया । उन्होंने हमारे सहिदों के विषय में भी नेपाली पाठ्यक्रम में पढाया जाने का जिक्र किया एवम् विद्यार्थी नेताओं को इन विषयों पर लगने को भी आग्रह कीया ।

कार्यक्रम को समापन करते हुए विद्यार्थी फ्रन्ट के अध्यक्ष मनिष मिश्र ने तीन बुँदा में से दुसरा बुदा के लिए आज का पहला क्याविनेट ने मधेसी सहिद घोषणा, १० लाख क्षतिपूर्ति, मुुद्दा फिर्ता आदि सहमति कार्यान्वयन के रास्ते में आगे बढ चूकि है कहते हुए कहा हमारा समझौता तथा नेतागण का विश्वास सुखद अवस्था में है बताया ।

कार्यक्रम में नेता सर्वेन्द्र शुक्ल, अखिल नेपाल के प्रविण मिश्रा, लोकतान्त्रीक शिक्षक युनियन के इश्वर, तमलोपा संस्कृति विभाग के रमेश कडेल, अखिल की अध्यक्ष नविना लामा लगायत के अतिधि तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति थी ।

DSCN2988

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.