महंथ ठाकुर ने प्रधानमन्त्री से कहा ‘गोरखनाथजी सपना में कुछ कहें हैं तो प्रस्ताव आगे बढाइये
काठमांडू १५ कार्तिक | कल्ह आइतबार लक्ष्मीपूजा के दिन प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में सत्तारुढ दल के साथ मधेसी-जनजाति गठबन्धन के नेताओं की वैठक हुई थी | नेताओं के बिच में संविधान संशोधन के बारे में बातचीत हुई ।
बालुवाटार में हुई वैठक में कार्तिक महिना में सरकार द्वारा संविधान संशोधन के प्रस्ताव दर्ता करने सम्बन्धी प्रधानमन्त्री प्रचण्ड के विचार को मधेसी मोर्चा के नेताओं ने कुछ सकारात्मक रुप में लेने की बात मिडिया में आई है ।
संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा की माग संबोधन करने के लिए सरकार संसद में इसी महिने संविधान संशोधन प्रस्ताव दर्ता करनेवाली है । प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में हुइ त्रीपक्षीय बैठक के बाद सरकार ने मोर्चा को इस महिने तक रुक जाने का आग्रह किया है ।
संविधान के कुछ अन्तरवस्तु के उपर असहमति जनाती आ रही मधेशी मोर्चा द्वारा छठ पर्व तक संविधान संशोधन नहीं हुआ तो आन्दोलन में जाने की चेतावनी को मध्यनजर करते हुए सरकार ने उक्त प्रस्ताव किया है । यद्यपि सरकार ने तिहार तथा छठ के व्यस्तता के तुरन्तबाद संविधान संशोधन प्रस्ताव दर्ता करने की तैयारी की है । प्रधानमन्त्री ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था प्रदेश का सीमांकन में दिख रही विवाद सामाधान किया जाएगा । हमलोग अन्तिम गृहकार्य कर रहें हैं । उन्होंने कहा सत्तापक्ष, विपक्षी तथा मोर्चा को भी मान्य हो इस प्रकार का प्रस्ताव लाया जाएगा ।
बालुवाटार की वैठक में
बालुवाटार में हुई वैठक में तमलोपा के अध्यक्ष महन्थ ठाकुर सबसे लम्बा बक्तब्य दिया था । उन्होंने राज्य की चरित्र कैसे और कितना विभेदकारी है इसका लम्बा और ऐतिहासिक विश्लेषण प्रस्तुत किया था । महन्थ ठाकुर ने प्रश्न किया कि ४ सय से भी अधिक न्यायाधीश में केवल १२ न्यायाधीश ही खस ब्राह्मण से बाहर का है यह कैसी व्यबस्था है ?
अपनी लम्बी पृष्ठभूमि रखते हए सभी असन्तुष्टि को श्री ठाकुर ने रखा | श्री महंथ ठाकुर ने प्रधानमन्त्री को कहा कि ‘यह गोरखनाथ द्वारा चलाया जा रहा देश है, प्रधानमन्त्रीजी को भी अगर सपना में गोरखनाथजी कुछ कहें हैं तो प्रस्ताव आगे बढाइये |
बैठक में संघीय समाजवादी फोरम के बरिष्ठ नेता अशोक राई ने प्रधानमन्त्री प्रचण्ड के साथ हुई तीनबुँदे समहति को स्मरण दिलाया |
सदभावना के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा कि प्रधानमन्त्री द्वारा संशोधन प्रस्ताव पेश करने के बाद ही मोर्चा अपनी प्रतिक्रिया देगी । राजकिशोर यादव और महिन्द्र राय ष्यादव भी पहले प्रधानमन्त्री को प्रस्ताव पेश करने के बाद ही मोर्चा द्वारा प्रतिक्रिया देने की बात बतायी |



