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जनकपुर में एमाले नेताओं ने कहा, पहले संविधान कार्यान्वयन फिर संशोधन

 

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कैलास दास ,जनकपुर, कात्तिक १९। नेकपा एमाले के नेतागण ने कल्ह यहाँ एक कार्यक्रम में कहा कि संविधान कार्यान्यन होने के बाद ही संशोधन की प्रक्रिया आगे बढाई जायेगी ।
एमाले दो नम्बर प्रदेश कमिटी ने गुरुवार विजया दशमी, ईद, दीपावली और छठ पर्व के अवसर में जनकपुर में आयोजित ‘चाय पान समारोह को सम्बोधन करते हुए वरिष्ठ नेता झलनाथ खनाल ने औचित्य पुष्टि करने पर संविधान संशोधन प्रस्ताव में एमाले का दरबार खुला है बताया है।
उन्होने यह भी कहा कि संविधान सभा द्वारा जारी नेपाल संविधान विश्व का ही उत्कृष्ट है । ९० प्रतिशत से ज्यादा अधिकार के समर्थन में यह संविधान जारी किया गया है । कुछ व्यक्तियाें को इसमें असन्तुष्ट होना स्वभाविक है क्योकि सभी को सन्तुष्ट करना किसी से सम्भव नही हुआ है और नही होगा । इसलिए संविधान कार्यान्वयन करने बाद असन्तुष्ट दलो छलफल के माध्यम से संविधान भी संशोधन भी किया जा सकता है । उन्होने यह भी कहा कि ‘यह लोकतान्त्रिक, देशभक्तिपूर्ण, प्रगतिशील तथा समाजवाद उन्मुख संविधान है इसमे टिप्पणी करना उचित नही होगा ।’

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उसी प्रकार एमाले का वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमन्त्री माधव नेपाल ने कहा कि एमाले को बदनाम करने के लिए कुछ दल प्रचारवाजी कर रहे है । लेकिन एमाले मधेशी जनता की भावना अनुसार आर्थिक उन्नति, विकास और मधेशी जनता की समस्या समाधान करता आया है और करेगा । वह चाहे नागरिकता की समस्या हो चाहे मधेशी जनता को नेपाली सेना में समावेश करने की बात हो, एमाले ने ही यस सब काम किया है ।
उन्होने यह भी कहा कि विरोधी पक्ष तथाकथित किसिम से एमाले उपर आरोप लगा रहा है, इस जालझेल में नही उल्झने के लिए सभी से आग्रह भी किया है । उन्होने संविधान उपर किसी प्रकार का आवाज तो नही उठाया किन्तु मधेश वादी दलो से आग्रह किया कि मधेश का समस्या छलफल और वार्ता के माध्यम से समाधान किया जा सकता है ।
कार्यक्रम में एमाले महासचिव ईश्वर पोखरेल, उपमहासचिव घनश्याम भुषाल, सचिव प्रदीप ज्ञवाली, गोकर्ण बिष्ट, योगेश भट्टराई, पोलिटब्युरो सदस्यहरु रामप्रीत पासवान, वंशीधर मिश्र, शत्रुघ्न महतो तथा दुई नम्बर प्रदेश का संयोजक सत्यनारायण मण्डल सहित का दर्जनौं केन्द्रिय नेता ने अपना धारणा रखा था ।

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