Sun. Sep 20th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

दाहाल की चुनौतियाँ : विनोदकुमार विश्वकर्मा

 

puspakamal-dahal-prachanda-at-press-meet-582673171a98b7-84784605

विनोदकुमार विश्वकर्मा, काठमांडू , ३० कार्तिक |

नई सरकार ने आश्वासनों की एक लंबी सूची जारी की थी कि वह नए संविधान के मसले पर मधेशी पार्टियों के साथ एक करार करेगी, भारत के साथ रिश्ते सुधारेगी, स्थानीय निकायों के चुनाव कराएगी और भूकंप के बाद के निर्माण कार्यों में तेजी लाएगी बगैरह–बगैरह । पर अब आश्वासनों का आसन दौर खत्म हो चुका है और उन्हें हकीकत में बदलने का वक्त शुरु हो गया है । यह भी साफ है कि पहले जैसा लग रहा था, उससे कहीं मुश्किल रास्ता सामने है ।

सरकार की पहली चुनौती होगी मधेशी पार्टियों की मांगों के अनुरुप संविधान में संशोधन पारित कराना । प्रधानमन्त्री दाहाल ने कहा था कि यह काम १५ सितंबर से पहले कर लिया जाएगा । पर अभी तक साफ नहीं है कि उस संशोधन की रुपरेखा क्या होगी ? शपथ–ग्रहण के पहले जब प्रधानमन्त्री दाहाल से इस बाबत पूछा गया था, तब उन्होने कहा था कि उनके पास एक ‘सर्वमान्य फ‘र्मूला’ है, हालांकि तब उन्होंने उस फॉर्मूले के बारे में कुछ भी तफसील से बताने से मना कर दिया था । मगर वास्तविकता यह है कि प्रदेशों की सीमा को लेकर जो पुराने मतभेद हैं, वे अब भी कायम हैं । जैसे नेपाली कांग्रेस के सभापति शेरबहादुर देउवा, नेकपा एमाले के बामदेव गौतम कंचनपुर और कैलाली जिले के दक्षिणी राज्य में शामिल किय जाने की मधेशियों की मांग को मानने के पक्ष में नहीं दिखते । अभी तक सरकार ने सिर्फ यही आश्वासन दिया है कि वह प्रान्त संख्या पाँच में पहाड़ और तराई के हिस्सों को ही अलग करेगी ।

यह भी पढें   संविधान दिवस पर प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह का संबोधन

इसी तरह स्थानीय निकाय के चुनावों की राह में भी कई गम्भीर बाधाएं हैं । नेपाली कांग्रेस ५६५ स्थानीय निकाय ठगित करने की ‘लोकल बॉडी रिस्ट्रक्चरिंग कमीशन’ की मौजूदा सिफारिश के खिलाफ है, और वह दबाव डाल रही है कि अन्तरिम उपाय के तौर पर मौजूदा सिस्टम के तहत ही ये चुनाव कराए जाएँ । दूसरी तरफ, माओवादी नेता आम चुनाव के साथ ही निकाय चुनाव कराने की बात कह रहे हैं । मधेशी पार्टियाँ पुरानी व्यवस्था के तहत चुनाव नहीं चाहती । अगर मधेशी पार्टियों के साथ इन मुद्दों पर सहमति नहीं बने, तो प्रचण्डजी के साथ हुई सहमति और नए संविधान की बैधता पर सवाल खड़े होने लगेंगे ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com