नेपाल सरकार के अधीन अनेक महत्वपूर्ण संस्थानों में नियुक्तियाँ: कानूनी प्रावधानों की विस्तृत सूची
काठमाडौं, ३ मई २०२६ । नेपाल में विभिन्न सरकारी, अर्ध-सरकारी, शैक्षणिक, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन तथा अन्य क्षेत्रों से संबंधित दर्जनों महत्वपूर्ण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, परिषदों, बोर्डों और कोषों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सञ्चालक, सदस्य, कार्यकारी निर्देशक तथा अन्य उच्च पदों की नियुक्तियाँ संबंधित कानूनों के विशिष्ट दफाओं के तहत की जाती हैं। राष्ट्रिय समाचार समिति (रासस) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, नेपाल वायुसेवा निगम से लेकर नवीनतम स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालयों तक सैकड़ों पदों की नियुक्ति प्रक्रिया विभिन्न ऐनों में स्पष्ट रूप से परिभाषित है।
### प्रमुख संस्थान और नियुक्ति प्रावधान
**नेपाल वायुसेवा निगम ऐन, २०१९** के दफा ४ के तहत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सञ्चालक तथा दफा ८ के तहत महाप्रबन्धक की नियुक्ति होती है।
**राष्ट्रिय समाचार समिति ऐन, २०१९** के दफा ८ (१) के खण्ड (ग) और (घ) के अनुसार सञ्चालक नियुक्त किए जाते हैं।
**कर्मचारी सञ्चय कोष ऐन, २०१९** के दफा ४ के तहत अध्यक्ष एवं सञ्चालक तथा दफा ६क. के तहत प्रशासक की नियुक्ति होती है।
**गोरखापत्र संस्थान ऐन, २०१९** के दफा ८ (१) के खण्ड (ग) व (घ) के तहत सञ्चालक तथा दफा ८ (३) के तहत अध्यक्ष नियुक्त किए जाते हैं।
**नेपाली भाषा प्रकाशन संस्थान ऐन, २०२१** के दफा ८ के अनुसार सञ्चालक मनोनीत किए जाते हैं।
**चलचित्र (निर्माण, प्रदर्शन तथा वितरण) ऐन, २०२६** के दफा ७ के तहत चलचित्र जाँच समिति के अध्यक्ष और सदस्य नियुक्त होते हैं।
**सञ्चार संस्थान ऐन, २०२८** के दफा १० (१) (घ) के तहत सञ्चालक तथा उपदफा (३) के तहत अध्यक्ष की नियुक्ति होती है।
**शिक्षा ऐन, २०२८** में शिक्षा संबंधी विभिन्न समितियों के अध्यक्ष, सदस्य तथा शिक्षक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के लिए विस्तृत प्रावधान हैं।
**गुठी संस्थान ऐन, २०३३**, **राष्ट्रिय प्रकृति संरक्षण कोष ऐन, २०३९**, **नेपाल प्रशासनिक प्रशिक्षण प्रतिष्ठान ऐन, २०३९** आदि में विद्वत् समिति, सञ्चालक समिति, सदस्य और कार्यकारी निर्देशक पदों की नियुक्ति का उल्लेख है।
**नेपाल विद्युत् प्राधिकरण ऐन, २०४१** के तहत सदस्य और कार्यकारी निर्देशक, **लुम्बिनी विकास कोष ऐन, २०४२** के तहत उपाध्यक्ष, सदस्य एवं सदस्य-सचिव की नियुक्तियाँ होती हैं।
### विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में नियुक्तियाँ
नेपाल के अनेक विश्वविद्यालयों जैसे **नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय (२०४३)**, **त्रिभुवन विश्वविद्यालय (२०४९)**, **काठमाडौं विश्वविद्यालय (२०४८)**, **पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालय**, **पोखरा विश्वविद्यालय**, **सुदूरपश्चिम विश्वविद्यालय**, **मध्यपश्चिम विश्वविद्यालय**, **कृषि तथा वन विज्ञान विश्वविद्यालय**, **लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय**, **चिकित्सा विज्ञान राष्ट्रिय प्रतिष्ठान**, **पाटन स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान**, **राजर्षि जनक विश्वविद्यालय**, **मदन भण्डारी विश्वविद्यालय** आदि में कुलपति, उपकुलपति, शिक्षाध्यक्ष, रजिस्ट्रार, डीन, सेवा आयोग के अध्यक्ष-सदस्य तथा विभिन्न सभाओं के सदस्यों की नियुक्ति संबंधित ऐनों के विशिष्ट खण्डों के तहत की जाती है।
### स्वास्थ्य, चिकित्सा और अन्य क्षेत्र
**आयुर्वेद चिकित्सा परिषद्**, **नेपाल स्वास्थ्य अनुसन्धान परिषद्**, **नेपाल नर्सिङ परिषद्**, **नेपाल चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट्स**, **नेपाल स्वास्थ्य व्यवसायी परिषद्**, **नेपाल मेडिकल काउन्सिल**, **राष्ट्रिय चिकित्सा शिक्षा ऐन** आदि के तहत विभिन्न परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य और रजिस्ट्रार की नियुक्तियाँ होती हैं।
**बी.पी. कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान**, **सहिद गंगालाल राष्ट्रिय हृदय केन्द्र**, **बी.पी. कोइराला मेमोरियल क्यान्सर अस्पताल** जैसे विशेष चिकित्सा संस्थानों में भी कार्यकारी निर्देशक एवं सदस्यों की नियुक्ति कानून द्वारा निर्धारित है।
### अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र
– **नेपाल पर्यटन बोर्ड**, **राष्ट्रिय खेलकुद विकास ऐन**, **नेपाल कृषि अनुसन्धान परिषद्**, **राष्ट्रिय दुग्ध विकास बोर्ड**, **राष्ट्रिय चिया तथा कफी विकास बोर्ड** आदि में बोर्ड सदस्य और कार्यकारी प्रमुख।
– **दूरसञ्चार**, **नागरिक उड्डयन**, **विद्युत् नियमन आयोग**, **नेपाल रेल्वे**, **सार्वजनिक खरिद**, **सूचनाको हक**, **वैदेशिक रोजगार** आदि क्षेत्रों में नियामक आयोगों और प्राधिकरणों के पदाधिकारी।
– **बेपत्ता पारिएका व्यक्तिको छानबिन, सत्य निरूपण तथा मेलमिलाप आयोग** जैसे संवेदनशील आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्य।
– **अपांगता भएका व्यक्तिको अधिकार**, **विपद् जोखिम न्यूनीकरण**, **खाद्य स्वच्छता**, **वातावरण संरक्षण** आदि कानूनों के तहत समितियों के सदस्य।
ये सभी नियुक्तियाँ नेपाल सरकार, संसद्, संबंधित मंत्रालय अथवा नियुक्ति समितियों द्वारा कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से की जाती हैं। इन पदों पर नियुक्तियाँ अक्सर राजनीतिक, प्रशासनिक और व्यावसायिक महत्व की होती हैं, क्योंकि इन संस्थानों का देश के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक संरक्षण में प्रत्यक्ष योगदान होता है।
वर्तमान में कई पद खाली होने या नई संस्थानों के गठन के कारण इन नियुक्तियों पर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा तेज हो गई है। सरकार इन पदों को योग्य, पारदर्शी और कानूनसम्मत तरीके से भरने की दिशा में कार्यरत है।
**नोट**: उपरोक्त सूची अत्यंत विस्तृत है। इसमें सैकड़ों ऐन और दफाओं का उल्लेख है। विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित ऐन एवं नेपाल गजट का अध्ययन आवश्यक है।


