तीन तलाक से पीड़ित महिला ने खून से लिखा सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को खत
*नई दिल्ली.मधुरेश*८ दिसिम्बर | भारत में तीन तलाक पर जारी राजनीतिक बहस के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद एक तीन तलाक से पीड़ित महिला का दर्द छलक कर सामने आया है। मध्यप्रदेश राज्य के देवास जिले की रहने वाली शबाना शाह ने अपने खून से एक खत लिख कर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजा है। खून से लिखे अपने खत में शबाना ने तीन तलाक के कानून को रद्द करने की मांग की है। अपनी व्यथा को दर्शाते हुए उसने यह लिखा है कि कैसे उसके पति ने तीन बार तलाक बोलकर उसे अपनी जिंदगी से निकाल दिया। तलाक के बाद की जिंदगी का दर्द बयां करते हुए शबाना ने लिखा है कि आज वह अपने चार साल की बच्ची के साथ मुश्किल भरे दिन गुजार रही है। सबसे हैरत की बात तो शबाना ने यह लिखा है कि अगर इंसाफ नहीं मिल सकता तो उसे आत्मदाह कर लेने की अनुमति दी जाए। अब देखना यह है कि तीन तलाक जैसे शरीयत कानून के दायरे में अपने पति के द्वारा तलाक दिये जाने के बाद जिल्लत एवं दर्द भरी जिंदगी गुजार रही एक अबला नारी को न्याय मिलता है की नहीं।


