संशोधन प्रस्ताव फिर्ता नहीं होगा, प्रतिपक्ष से संसद अवरुद्ध न करने को प्रधानमन्त्री का आग्रह
पोखरा, पौष १ ।
प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि सरकार द्वारा दर्ता किया गया संविधान संशोधन प्रस्ताव फिर्ता नहीं होगा । प्रेस सेन्टर कास्की द्वारा आज आयोजित पत्रकार सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने असन्तुष्ट प्रतिपक्ष एवम् आन्दोलनरत दल के साथ विमर्श के आधार में परिमार्जन कर के आगे बढने की बात पर जोड डाला ।
प्रधानमन्त्री दाहाल ने सरकार संशोधन प्रस्ताव सभी को सहमति होने के मुताविक लाया गया है । लगभग चार महिना लगाकर उक्त संशोधन प्रसताव लायागया है । उन्होंने बताया कि प्रतिपक्ष, मधेशी मोर्चा, थारु, संघीय गठबन्धन के साथ बृहत विमर्श के बाद ही संशोधन प्रसव लाया गया है ।
सरकार द्वारा लाया गया सीमांकन का प्रस्ताव अभी का प्रतिपक्ष ने ही सत्तापक्ष में होने के समय में ही आगे बढाया गया प्रस्ताव है । उन्होंने कहा इस पर अस्पष्ट होने की बात नहीं है, प्रतिपक्ष का विरोध करने का औचित्य सिद्ध नहीं होता ।
एक प्रश्न के जवाव में प्रधानमन्त्री दाहाल ने कहा कि संशोधन प्रस्ताव अंगीकृत को राष्ट्रपति बनाने, हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने, देश विखण्डन करने के हिसाब से लाया जाने का प्रचार किया जा रहा है । लेकिन नेपाली जनता को चोट पहुँचें एसा कोइ विषय उस में न होने के प्रति विश्वास दियाला ।
सरकार ते तरफ से विमर्श को आगे बढाया गया है बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष को भी लेकर संशोधन प्रस्ताव, महाअभियोग तथा निर्वाचन कार्यक्रम घोषणा प्रस्ताव प्याकेज के उपर सहमति करने का प्रयास हो रहा है ।
उन्होंने संसद अवरोध करने से समस्या का सामाधान न होने की बात बताते हुए प्रतिपक्षी से संसद अवरुद्ध न करने को आग्रह किया ।


