ज्ञानेन्द्र शाह को विदेशी किस हैसियत से मिलते हैं– गृहमन्त्री निधि
काठमांडू, पौष ८ ।
पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह को विदेशी किस हैसियत से मिलते हैं, कहते हुए उपप्रधान तथा गृहमन्त्री विमलेन्द्र निधि ने मन्त्रिपरिषद में ही प्रश्न उठाया है ।
पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र ने राजनीतिक दल तथा जनआन्दोलन के उपलब्धि प्रति प्रश्न उठाते हुए वक्तव्य देने के दुसरे दिन वृहस्पतीबार को हुई मन्त्रिपरिषद में पिछ
ली घटनाक्रम के विषय में गहन विमर्श हुआ था ।
संविधान संशोधन प्रस्ताव का विरोध करते हुए हो रही आन्दोलन तथा एमाले के नेताओं द्वारा दिया जा रहा अभिव्यक्ति का चर्चा करते ुहए प्रधानमन्त्री प्रचण्ड ने पूर्व राज के वक्तव्य को विश्लेषण करते हुए कहा कि ये परिवर्तन को उलटाने का षडयन्त्र है ।
वहीं बैठक में उपप्रधान एवम् गृहमन्त्री विमलेन्द्र निधि ने दरबार हत्यकाण्ड की छनविन का प्रसताव रखा । उन्होंने चिनियाँ पूर्व राजा को किस हैसियत से मिल रहें हैं कहते हुए प्रश्न किया । चिनियाँ के साथ भारतीय भी ज्ञानेन्द्र से भेंट कर रहें हैं कहते हुए गृहमन्त्री निधि ने कहा कि एक आम नागरिक के हैसियत से मिल रहें हें तो ठिक है लेकिन पूर्व राज के हैसियत से मिल रहें हैं तो हमारी आपत्ति है ।


