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एमाले ना तो संविधान संशोधन करने देगा ना चुनाव : राजेन्द्र महतो

 

महतो ने यह भी कहा कि भारत के कुमाउ, गढवाल से नेपाल आए खस बाहुनसब ने मधेश की भाषा संस्कृति पर प्रहार कररहा है और ईसका शिकार एमाले कांग्रेस का मधेशी है जो उन सबके गुलामी कररहा है । नेता महतो ने भाषा और संस्कृती पर टिप्पणी करते हुवे बोले कि खस भाषा भारत से आया है जिसको नेपाल मे राष्ट्रिय भाषा बनाया गया है । जहां मैथिली, भोजपुरी, अबधी, थारु, हिन्दी ईसी भूमी की भाषा संस्कृति है । खस बाहुनसब के दमन शोषण विरुद्ध गम्भिर विस्फोटन होना निश्चित है ।

 लहान, १८ पुस । सद्भावना पार्टी का अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा है कि संविधान और संघीयता का सबसे बडा दुश्मन एमाले पार्टी है । एमाले ना तो संविधान संशोधन करने देगा ना चुनाव । संघीयता सफल हुवा तो केपी ओली जैसे को बहुत कठिनाइ का सामना करना पड सकता है । लहान मे प्रेस मंच सिरहा द्धारा किया गया पत्रकार सम्मेलन मे महतो ने कहा संविधान संशोधन और संघीयता अगर सफल नही हुवा तो विखण्डवादी सबको बल मिल्नेका खतरा है और इसका जिम्मेवार एमालेको लेना पडेगा ।

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महतोने पहाड मे दो तिहाई और मधेश मे एक तिहाई संख्या के आधार मे नगरपालिका, गाउंपालिका पूर्नसंरचना से स्थानीय तह का निर्वाचन किसी भी किमत पर नही  होने देने का दावा किया है । मधेश और पहाडके बजेटिंग मे आकाश और जमिन का फरक है इस तरह का विभेद अगर रहा तो कोई भी निर्वाचन सम्भव नही है उन्होंने बताया । उनके अनुसार एमाले समस्या निकास का बाधक पार्टी होने के कारण खुला दिशामुक्त के साथ साथ मधेश से एमाले को मुक्त करने का अभियान चलाना अतिआवश्यक है । संसद अबरूद्ध करके एमाले ने गैरलोकतान्त्रिक चरित्र दिखाया है ।सद्भावना पार्टी का अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने यह भी कहा कि भारत के कुमाउ, गढवाल से नेपाल आए खस बाहुनसब ने मधेश की भाषा संस्कृति पर प्रहार कररहा है और ईसका शिकार एमाले कांग्रेस का मधेशी है जो उन सबके गुलामी कररहा है । नेता महतो ने भाषा और संस्कृती पर टिप्पणी करते हुवे बोले कि खस भाषा भारत से आया है जिसको नेपाल मे राष्ट्रिय भाषा बनाया गया है । जहां मैथिली, भोजपुरी, अबधी, थारु, हिन्दी ईसी भूमी की भाषा संस्कृति है । खस बाहुनसब के दमन शोषण विरुद्ध गम्भिर विस्फोटन होना निश्चित है । महतो ने कहा कि संसार मे पहिचान के लिए भाषाभाषी तथा संस्कृति समुदाययों ने अलग शासन सत्ता चलाने का उदाहरण भी है । ओली जैसे राष्ट्रघाती क्रियाकलाप अगर तिब्र हुवा तो मधेश भी अपनी सेना और सुरक्षा के लिए तयार होगा । अपने भूमी के सुरक्षा के लिए मधेशी जनता सेना बनकर खस सम्राज्यवाद से लोहा लेनेको तैयार है । सद्भावना अध्यक्ष महतो के अनुसार संशोधन विधेयक जबतक परिमार्जन नही होगा तबतक ईसका महत्व शून्य रहनेवाली है । उनहोने अन्त मे कहा कि मेची से महाकाली तक मधेश दो प्रदेश के शिवाय कोई उपाय नही है । कार्यक्रम प्रेस मञ्च सिरहा लहान के अध्यक्ष मनोज बनैता के सभाध्यक्षता मे हुवा था ।

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1 thought on “एमाले ना तो संविधान संशोधन करने देगा ना चुनाव : राजेन्द्र महतो

  1. नेपाल बहुत भाषाओं के उत्पत्ति भूमी है । खस भि नेपाल के ही भाषा है । खसान नेपाल मे ही है । जो जैसा बोलता है वैसेही अन्तिम सत्य मानना सत्य के विरुद्धका साजिस है ।खस भाषा शिर्फ भारतीय मानना गलत है, ये भारोपेली भाषा परिवार से ताल्लुक रखता है । वहि सत्य पर वाचाल राजेन्द्र महतो जी ने जो दलिल पेश किया है व शिर्फ राजनीति है । कैसे नेपालमै क्षेत्रीयताका, वैमनश्यताका राजनीति आगे बढरहा है, उस्का एक दृष्टान्त है ये । अपने लोग झुठ हि बोले फिर भि वह सत्य मालुम पढने लगता है । उसे अन्धविश्वास हि कह जाता है । भारतवर्ष कि महानता आजका कमिना राजनीति कैसे छिन रहा है उसे नेपालमे हम देख सकते हैं । क्यो पाण्डव और कौरव का युद्ध हुवा उस्का कारण तो कुछ छोटा वडा हि है परन्तु उस्का उपर जो राजनीतिक चेष्ठा विछाया गया उस्ने धर्मयुद्ध करवाया ।

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