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आउटर रिंग रोड के निर्माण की त्रास से जमीन वालों की हालत खास्ता

 

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विजेता, काठमाण्डौ, पौष । टोखा हात्तिगाँउ– २ के दिपक गुरुङ्ग अपनी जमीन का मुआब्जा मिलेगा या नहीं, कितनीजमीन कट्टीकी जायेगी पता करने के लिए बाहरी च क्रपथ विकास आयोजना के कार्यलय पुहँचे । उनके चेहरे पर याचना के साथ अविश्वास स्पष्ट झलक रहा था । टोखा स्थित हात्तिगाँव में ४२ आना जमीन मे से गुरुङ्ग के १२ आनाजमीन चक्रपथ सडक में चली जाएगी । उन्होंने उक्त १२ आना जमीन के मुआब्जे में क्या मिलेगा, मिलेगा या नहीं इस तनाव व अनिश्चिता से परेशान हों आयोजना कार्यालय पहुँचने की बात बताई । ।
इस तरह कार्यालय में रोज चक्कर लगाने बाले जमीन मालिकों में वे अकेला आदमी नहीं है । योजना के शाखा अधिकृत रामकृष्ण बाँखु ने बताया कि उनके जेसे २० से ३० जमीन वाले दैनिक बाहरी चक्रपथ योजना के कार्यालय पुछताछ के लिए पहुँचते है ।
चोभार से सतुङ्गगल तक लगभग ७२ किलोमिटर बाहरी चक्रपथ निर्माण कार्य होने वाली है । आयोजना के कामु प्रमुख दिपक श्रेष्ठ बताते हैं— बाहरी चक्रपथ का नापी कार्य लगभग सम्पन्न हो चुका है । यद्यपि इस से पहले भी नापी कार्य किया गया था लेकिन पुनः नया नापी के आधार पर कार्य आगे बढान के कारण ढिलाइ हो रही है ।
योजना प्रमुख श्रेष्ठ ने जमीन वालों को घबराने की आवश्यकता नहीं है बताते हुए कहा कि अपनी जमीन या घर सडक में चली जाएगी इस बात को लेकर विलकुल ना डरे जिसका घर सडक में कट जाएगी ऐसे व्यक्तियों को सरकार मुआब्जा देगी । वहीं सडक न होने वालों को विकसित चौडा सडक, विकसीत घडेरी तथा प्लट देने की बात उन्होने बताई ।
शाखा अधिकृत बाँखु बताते हैं इस से पहले भी सूचना जारी करने के बाद १ सौ ५० से अधिक की निवेदन तथा सुझाव आया था । बाखुँ बताते हैं कि यद्यपि अभी निवेदन से अधिक किस साइड जमीन मिलेगी, कितना उपलब्ध करवाया जाएगा जानकारी के लिए जमीन वाले आते रहते हैं । उन्होंने जमीन वाले अपने लालपूर्जा तथा कागजपत्र सहित आते है कहा ।
इस सन्दर्भ में कामु प्रमुख श्रेष्ठ बताते हैं कि पहले जमिनदारों में सरकार चक्रपथ निर्माण करने के लिए अपनी जमीन अधिग्रहण करेगी ऐसा समझते थें । भ्रम फैलानेवाले भी जमिनदारों को भडकाया लेकिन अभी सरकार ने हमारी जमीन को रोक्का किया है इस बात को समझने लगे हैं । उन्होंने जमीन के बदले जमीन या मुआब्जा फिर्ता पाने की बात सझने के बाद जमीन के मालिकों की ओर से सकारात्मक सहयोग मिलने की बात बताया ।
श्रेष्ठ ने नियम के भितर रहते हुए ५० मिटर के सडक में १० प्रतिशत कटटा किया जाएगा बताते हुए उस के एवज में जमीनदारों को विकसित सडक, बिजुलीबत्ति लगायत की सुविधा भी अतिरिक्त रुप मे प्रदान किया जायेगा बताते हुए उन्होंने बाहरी चक्रपथ ८, ११ तथा ६ मिटर की निर्माण किया जाएगा बताया ।
श्रेष्ठ ने जमीन अधिग्रहण करने के सूचना निकालने के ३५ दिन बाद ही काम शुरु होने की बात बताइ ।

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