सत्यनिरुपण तथा मेलमिलाप आयोग द्वारा निर्मित मापदण्ड सर्वोच्च द्वारा ख़ारिज
२० माघ,काठमान्डू, आर एन यादव
सर्वोच्च अदालत ने द्धन्द्धकालीन घटना के अपराध को छानबिन के लिए सत्यनिरुपण तथा मेलमिलाप आयोग द्वारा निर्मित मापदण्ड को बुधबार खारेज कर दी है । मापदण्ड खारिज होने सर्वोच्च के निर्णय से आयोग ने द्धन्द्धकाल के सभी प्रकृति के घटना के उजुरी में छानबिन करने के लिए आयोग अब बाध्य हुई है ।
सर्वोच्च के न्यायाधीशद्वय जगदीश शर्मा पौडेल तथा दीपककुमार कार्की के संयुक्त इजलास द्वारा मापदण्ड खारेज के निर्णय सुनाया गया था । आयोग ने द्धन्द्ध कालीन उजुरी तामेली में रखने सम्बन्धी मापदण्ड, २०७३ जारी की थी । उक्त माप दण्ड लागू होने पर आयोग स्वेच्छाचारी हो कर द्धन्द्ध के नाम में हुए गम्भीर अपराध से उन्मुक्ति के लिए रास्ता खुल्ने तथा खतरा पैदा होने की दाबी सहित द्धन्द्ध पीडित द्वारा सर्वोच्च मे रिट दायर हुई थी । गत साउन ४ गते आयोग से ऐन अनुसार के मापदण्ड तय हुई थी ।
मापदण्ड को लेकर आयोग के सदस्य डा. माधवी भट्ट ने विरोध जनाई थी । अध्यक्ष सहित चार पदाधिकारीयों को बहुमत के आधार पर ये मापदण्ड जारी की थी । सर्वोच्च ने मापदण्ड खारिज करने पर भी पूर्ण फैसला आने में बाकि हैं। पूर्ण फैसला के बाद आयोग को खुली रूप में छानबिन करने के लिए या आगे बढने के लिए प्रशस्त मार्ग हो जायेगी ।


