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सशस्त्रद्वन्द्व हत्या कें मुकदमें में ३ सेना को उम्रकैद सजाय, मधेशीयों पर हुआ नरसंहार का फैसला कब ?

 

umrakaid

हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, १८ अप्रील ।
सशस्त्र दवन्दकाल में हुई एक गैरन्यायीक हत्या के मुकदमें में लगभग १० सालों के बाद अदालत ने तत्कालीन ३ सैनिक अधिकारीओं को उर्म कैद की सजा सुनाई हैं ।

जिला अदालत ,काभ्रे पलाञ्चोक के न्यायाधीश मोदिनी प्रसाद पौडयाल की पीठ ने रवीवार वीरेन्द्र शान्ति तालीम केन्द्र के तत्कालीन शाही नेपाली सेना के कर्लनल बबी खत्री ,और कैप्टन अमित पुन और सुनिल अधिकारी को मुलुकी ऐन जान संबन्धी दफा १३ की उपदफा ३ के मुताबीक उर्म कैद की सजा सुनाई हैं ।

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काभ्रेपलाञ्चोक के खरेलथोकस्थित भगवती माध्यमिक विद्यालय में ९ कक्षा में अध्ययनरत १५ बर्षीय मैना सुनुवार को तत्कालीन शाही नेपाली सेना ने गीरफतार कर चार दिनों के बाद २०६० फागुन ५ गतें सैनिक ब्यारेक में मारपीट करने के बाद हत्या कर दी थी ।

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