सुरेश केडिया अपहरण का मास्टरमाइंड था बबलू दूबे, चाचा की हत्या कर कुख्यात हुआ अपराध जगत में
कुख्यात बब्लू किसी नेपाली लड़की के साथ शादी कर नेपाल की नागरिकता हासिल करना चाहता था। वह नेपाल में अपना नाम बदलकर सुरेन्द्र मिश्रा के नाम से रह रहा था।
चाचा समेत दो की हत्या कर अपराध की दुनिया में आया था कुख्यात बब्लू दूबे
*_रिपोर्ट-मधुरेश प्रियदर्शी_* *मोतिहारी.पूच.* ~ पारिवारिक विवाद में अपने पड़ोसी चाचा समेत एक अन्य ग्रामीण की हत्या कर अपराध जगत में कदम रखने वाला बब्लू दूबे गुरुवार एक मुखिया की हत्या के मामले में पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा के बीच बेतिया कोर्ट में मारा गया। बब्लू के अपराधी और कुख्यात सरगना बनने की कहानी भी अजीब है। बत्तीस वर्षीय बब्लू सामान्य कद का आदमी था। देखने पर तो गैंगस्टर जैसा बिल्कुल नहीं लगता था। चाचा समेत दो की हत्या के बाद उसने कभी भी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। देखते ही देखते वह उत्तर बिहार का गैंगेस्टर बन गया। वह बिहार के मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों के लिस्ट में शामिल था। बिहार के कई जिलों में उस पर हत्या-अपहरण-फिरौती के करीब पांच दर्जन केस चल रहे थे। पहली बार जब बिहार में नीतीश कुमार की सरकार बनी तो डर के मारे वह नेपाल भाग गया। नेपाल की राजधानी काठमांडू से वह बिहार में अपने गिरोह का संचालन करने लगा। आज से चार साल पहले 28 मई 2013 को बिहार पुलिस के स्पेशल रिक्वेस्ट पर नेपाल पुलिस ने उसे काठमांडू से गिरफ्तार कर लिया था। जैसे ही बिहार पुलिस को खबर मिली, वो बबलू को लेने नेपाल पहुंच गई। नेपाल में भी वह कई घटनाओं को आंजाम दे चूका था। इसलिए नेपाल पुलिस भी उसे खोज रही थी।नेपाल पुलिस ने वहां उससे काफी पुछताछ भी की।जिसके वजह से उसे तत्काल भारत नहीं लाया जा सका। एक सप्ताह बाद यानि 4 जून को नेपाल पुलिस ने उसे बिहार के रक्सौल पुलिस को सौंप दिया। अब उसका धंधा बिहार में कम और नेपाल में ज्यादा चलता था। बब्लू मोतिहारी जेल से ही नेपाल के व्यापारियों से फिरौती और रंगदारी वसूलता था।
*पारिवारिक कलह के कारन कलम छोड़ बबलू ने उठाया था हथियार…….*
पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के सिसवा खरार गाँव का बब्लू बचपन में पढाई में बहुत तेज था। लेकिन पारिवारिक कलह ने उसे हथियार उठाने पर मजबूर कर दिया। बब्लू ने अपने अपराध की शुरुआत अपने पट्टीदारी के चाचा एवं एक ग्रामीण साधू सिंह की हत्या कर के की।
*2001 में आया अपराध की दुनिया में ………*
कुख्यात बब्लू दूबे ने साल 2001 में पारिवारिक कलह के कारण पढ़ाई छोड़ कर अपराध की दुनिया में अपना कदम रखा। गाँव के ही दो लोगों की हत्या के जुर्म में उसे जेल हो गई और वह लम्बे समय तक जेल में रहा।
*पेशी के दौरान कोर्ट से हुआ फरार, बनाया बिहार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नामक संगठन……....*
बब्लू दूबे वर्ष 2010 में मोतिहारी कोर्ट में पेशी के लिए जेल से आया था। कोर्ट परिसर में ही हथकड़ी सरका कर वह फरार हो गया था। फिर 2012 में बिहार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नाम से एक संगठन उसने बनाया । उसी संगठन के नाम से रंगदारी वसूल करने लगा।
*सुरेश केडिया अपहरण मामले का था मास्टरमाइंड………*
बात 26 मई 2016 की है।नेपाल के बड़े औद्योगिक घराने के उद्योगपति हैं सुरेश केडिया। उनके भाई विमल केडिया वहां नेपाल सद्भावना पार्टी के सांसद हैं। सुरेश केडिया नेपाल के बरियारपुर में गढ़ी माई के मंदिर में दर्शन करने गए थे। वहां से लौटने के दौरान बरियारपुर के पश्चिम में हथियारबंद लोगों ने जबरन उनकी कार रोक कर उन्हें गाड़ी से खींच लिया और स्कॉर्पियो में बैठा कर फरार हो गये। अपहरणकर्ता उन्हें लेकर भारतीय राज्य बिहार आ गए। सुरेश केडिया के ड्राइवर सुरेश कानू ने विरोध किया तो उसे तुरंत गोली भी मार दी।
नेपाल पुलिस ने पीछा करने की कोशिश की पर सफलता नहीं मिली। नेपाल के एक प्रसिद्ध उद्योगपति का अपहरण हो चुका था।उ से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में कहीं अफराधियों ने रखा था। केडिया के परिवार को संदेश मिलने में ज्यादा समय नहीं लगा। पूरे 100 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। अपहरण के तीन दिन बाद एसपी बेतिया विनय कुमार और एसपी मोतिहारी जितेंद्र राणा ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन व्यवसायी सुरेश केडिया के साथ किया। बेतिया एसपी ने उस समय बताया था कि केडिया का अपहरण बब्लू दूबे ने किया था।
*नेपाल में शादी कर हासिल करना चाहता था नेपाल की नागरिकता…….*
कुख्यात बब्लू किसी नेपाली लड़की के साथ शादी कर नेपाल की नागरिकता हासिल करना चाहता था। वह नेपाल में अपना नाम बदलकर सुरेन्द्र मिश्रा के नाम से रह रहा था।
*जज को भी दी थी धमकी…….*
कुख्यात अपराधी बब्लू दूबे को मोतिहारी सेन्ट्रल जेल से पेशी के लिये मोतिहारी सिविल कोर्ट लाया गया था । जहां उसके केश की सुनवाई जिला अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी भुपेन्द्र सिंह की अदालत में हुई थी। अदालत में पहुचने के साथ ही अपने केश की जल्द सुनवाई करने का वह दबाव जज पर बनाने लगा। इस पर जज ने विधि सम्मत कार्रवाई करने की बात कही तो भड़क गया। जज को धमकी देते हुए वह बोला कि मैंने जज का पावर देख लिया है। जिस पर जज ने इस कुख्यात अपराधी को पहले शान्त रहने को कहा। उसके शांत नहीं होने पर जज ने पुलिस से उसे अपने कक्ष से बाहर ले जाने को कहा तो अपराधी बब्लू ने फिल्मी अंदाज में कहा कि पुलिस की इतनी हिम्मत कहां कि हमे वह बाहर ले जाए, मैं अपनी मर्जी से आता हूँ और अपनी मर्जी से जाता,हूँ। इस दौरान करीब आधा घंटे तक कोर्ट की करवाई रुकी रही। इस मामले को लेकर जज भुपेन्द्र सिंह के आवेदन पर मोतिहारी के नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
कुख्यात बब्लू दूबे की बेतिया कोर्ट में गोली मारकर हत्या
उत्तर बिहार का कुख्यात अपराधी सरगना बब्लू दूबे मारा गया। आज अज्ञात अपराधियों ने पुलिस अभिरक्षा के बीच बेतिया कोर्ट परिसर में गोली मारकर दूबे की हत्या कर दी। यह घटना तब हुई जब एक मुकदमे में पेशी के बाद उक्त कुख्यात अपराधी कोर्ट की सीढ़ी से नीचे उतर रहा था। मिली जानकारी के अनुसार दो अपराधियों ने बब्लू दूबे पर हमला किया। अपराधियों ने दूबे को पांच गोली मारी। गोलियों की तड़तड़ाहट से बेतिया कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गयी। इसी बीच अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद आराम से फरार हो गये। घटना की सूचना मिलते हीं बेतिया के एसपी विनय कुमार कोर्ट परिसर पहुंचे। खून से लतपथ दूबे को पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
काफी सुरक्षित क्षेत्र समझे जाने वाले कोर्ट परिसर में घटित इस घटना से पूरे बेतिया शहर में सनसनी फैल गयी। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जिले की सीमा को सील कर पुलिस वाहन जांच अभियान चला रही है। कुख्यात
पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर थाना अन्तर्गत सिसवा खरार गांव का रहने वाला था। दूबे के खिलाफ पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर एवं गोपालगंज जिले के कई थानों में करीब छह दर्जन मामले दर्ज हैं। दूबे पर दर्ज अधिकांश मामले रंगदारी, लूट, हत्या एवं अपहरण से संबंधित हैं। अपनी गिरफ्तारी से पूर्व इस कुख्यात अपराधी ने उत्तर बिहार की पुलिस का नाकोदम कर दिया था। वह हर हमेशा नई घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती देते रहता था। दूबे की गिरफ्तारी वर्ष 2013 में पूर्वी चंपारण जिले के नेपाल सीमावर्ती आदापुर थाना क्षेत्र से उस समय हुई थी जब वह नेपाल जाने के फिराक में था। फिलहाल वह बेतिया जेल में बंद था। कुख्यात दूबे की हत्या की खबर मिलते ही उसके सिसवा खरार स्थित पैतृक आवास पर मातमी सन्नाटा पसर गया। वहां कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान एक कुख्यात की हत्या कर अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है। अब देखना यह है कि पुलिस अपराधियों द्वारा दी गयी चुनौती को स्वीकार करती है या नहीं।


