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अातंकवाद के मुद्दे पर पाँच देशाें ने कतर से सम्बन्ध ताेडे

 

6जून

दुबई, एपी/रायटर। पांच अरब देशों ने सोमवार को आतंकवाद के मुद्दे पर अपने पड़ोसी कतर से कूटनीतिक संबंध तोड़ लिये। कतर पर अल कायदा, आइएस जैसे आतंकी संगठनों के समर्थन का आरोप है और उसके ईरान से भी नजदीकी संबंध हैं। सऊदी अरब, बहरीन, मिस्त्र, यमन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने कहा है कि वे जल्द ही अपने राजनयिकों को कतर से वापस बुला लेंगे। बड़े गैस भंडार वाले कतर में सन 2022 में फीफा व‌र्ल्ड कप फुटबाल टूर्नामेंट का आयोजन होना है। कतर में अमेरिका का बड़ा सैन्य अड्डा है।

इस फैसला से अन्य देशाें के साथ ही नेपाल के उन नागरिकाे पर भी असर पडने वाला है जाे अरब देशाें में राेजगार के  सिलसिले में वहाँ रह रहे हैं । नेपाल सरकार काे तत्काल ही इसकी जानकारी लेनी हाेगी क्याेंकि काफी संख्या में वहाँ नेपाली नागरिकाें की फँसने की संभावना है ।

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कतर से संबंध खत्म करने वाले पांच मुस्लिम देशों ने अपने यहां से भी कतर के राजनयिकों को वापस जाने के लिए कहा है। संबंध तोड़ने वाले देश कतर से जल और हवाई मार्ग के संपर्क खत्म करने की भी योजना बना रहे हैं। सऊदी अरब ने कहा है कि वह अपनी कतर से लगने वाली जमीनी सीमा को भी पूरी तरह से बंद करेगा। क्षेत्र की सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी कतर एयरवेज ने सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानों को रद कर दिया है। सस्ती यात्रा सुविधा देने वाली कंपनी फ्लाई दुबई ने भी कतर के लिए जाने वाली अपनी सभी सेवाओं को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। कतर ने इसे आधारहीन और न्याय के विरुद्ध निर्णय करार दिया है। वह कई बार कह चुका है कि वह आतंकी संगठनों को धन और सुविधाएं नहीं देता है। कतर के सहयोगी देश ईरान ने कहा है कि इस तरह के फैसले गलत हैं। इससे समस्या का समाधान नहीं होगा। बताते हैं कि ईरान में हसन रूहानी के दूसरी बार चुनाव जीतने पर कतर के अमीर तमीम बिन हामद अल थानी के उन्हें बधाई देने से सऊदी अरब चिढ़ गया है। सऊदी अरब ईरान को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा मानता है।

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कतर में अमेरिका का बड़ा सैन्य अड्डा है और वहां पर दस हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा है कि पांच देशों के फैसले से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई मदद नहीं मिलेगी। बेहतर होगा कि अरब देश अपने मतभेद बातचीत के जरिये सुलझाएं। उससे क्षेत्रीय मजबूती बढ़ेगी। पाकिस्तान ने कतर को लेकर फिलहाल कोई कड़ा कदम न उठाने की बात कही है।

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