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आधी रात को भारत के संसद में भव्य समारोह के बीच जीएसटी लागू

 

*नई दिल्ली, मधुरेश प्रियदर्शी।* एक देश, एक कर और एक बाजार की अवधारणा से प्रस्तावित किया गया वस्तु एवं सेवा कर कानून (जीएसटी) देशभर में लागू कर दिया गया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेल (घंटी) बजाकर इसको लॉन्च किया। जीएसटी की लॉन्चिंग के मौके पर संसद के सेंट्रल हॉल में तमाम गणमान्य लोग मौजूद थे। इस कार्यक्रम की शुरूआत केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के संबोधन से हुई। जेटली ने कहा कि आज भारत के लिए एक नई यात्रा की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि हम अहम देश की अहम यात्रा के लिए इकट्ठा हुए हैं। साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य एक साथ मिलकर काम करेंगे और एक राष्ट्र एवं टैक्स हमारा उद्देश्य है।

*पीएम और राष्ट्रपति ने जीेसटी की घंटी बजाई:*

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देश के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिलकर जीएसटी की घंटी को बजाकर नई कर व्यवस्था को देशभर में लागू कर दिया। जीएसटी की लॉन्चिंग के बाद राष्ट्रगान के साथ इस कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कानून को गुड एंड सिंपल टैक्स कहा है।

*क्या बोले वित्त मंत्री: *

वित्त मंत्री ने कहा, “एक राष्ट्र एक टैक्स हमारा उद्देश्य है। यह भारत के लिए नई यात्रा की शुरूआत है। जीएसटी अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। आज हम अहम देश की अहम यात्रा के लिए इकट्ठा हुए हैं। अब केंद्र और राज्य मिलकर एक दिशा में काम करेंगे। हम यह कह सकते हैं कि जीेएसटी से नए भारत का निर्माण होगा। संविधान संशोधन के लिए हमें सहयोग मिला है। प्रोफेसर दास गुप्ता से हमें जीएसटी की पहली शिक्षा मिली है। संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने योगदान लायक सुझाव दिए हैं। आपको बता दें कि जीएसटी की प्रक्रिया 15 साल पहले शुरू हुई थी। जीएसटी काउंसिल अब तक 18 बार मिल चुकी है जिसमें हर निर्णय सर्व-सम्मति से हुए हैं। जीेएसटी के आने से 17 टैक्स और 23 तरह से सेस खत्म हो जाएंगे। साथ ही देश में गुड्स एंड सर्विसेज का सिंगल फ्लो होगा।वित्त मंत्री ने आगे बोलते हुए कहा कि अब महीने की 10 तारीख को एक रिटर्न भरना होगा और जीएसटी से महंगाई और टैक्स चोरी कम होगी। साथ ही जीेएसटी के लिए राज्यों ने एकमत से  काम किया है।”

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*क्या बोले पीएम मोदी: *

वित्त मंत्री के बाद जीएसटी पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “125 करोड़ देशवासी इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी हैं। आज वर्षों बाद एक नई अर्थव्यवस्था के लिए हम इकट्ठा हुए हैं। जीएसटी एक लंबी विचार प्रक्रिया का नतीजा है। संविधान सभा की तरह जीेएसटी भी ऐतिहासिक है। यह महज संयोग है कि गीता के भी 18 अध्याय हैं और जीएसटी काउंसिल की भी 18 बैठके हुईं हैं। आपको बता दें कि जीएसटी में गरीबों के लिए सारी सेवाएं बरकरार हैं। जीएसटी टीम इंडिया की शक्ति का परिचायक है। जीएसटी संघीय ढांचे की मिसाल है। एक देश एक टैक्स का सपना अब साकार होगा। जीएसटी से आर्थिक एकीकरण का काम भी होगा। अब जीएसटी से कच्चे और पक्के बिल का खेल खत्म हो जाएगा। साथ ही जीएसटी व्यापार में असंतुलन को खत्म करेगा। 75 लाख तक के व्यापारी को जीएसटी में राहत मिलेगी। वहीं जीएसटी से पिछड़े राज्यों को अवसर तलाशने में मदद मिलेगी।”

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