Fri. May 1st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

हाफिज ही है 26/11 का मास्टर माइंड : अमेरिका

 

लश्कर-ए-तैबा प्रमुख हाफिज सईद को अमेरिका ने पहली बार 26/11 के मुंबई हमले का मुख्य साजिश रचने वाला बताया है। इसके साथ ही अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अपना पुराना बयान दोहराया कि पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ और कार्रवाई करनी चाहिए।

हाफिज सईद पर 10 लाख डॉलर का इनाम घोषित करने के बाद इसमें ढील देने की बात पूछे जाने पर हिलेरी ने कहा कि यह इनाम हाफिज सईद के खिलाफ समुचित सबूत इकट्ठा करने वाले को देने के इरादे से रखा गया है। उन्होंने कहा कि हमने इस तरह के इनाम पहले भी घोषित किए हैं और हमें कामयाबी मिली है। क्लिंटन ने उम्मीद जताई की कि इनाम से हाफिज सईद की गिरफ्तारी हो सकेगी।

यह भी पढें   ऐसी सरकार जो गरीबों का निवाला छीनती है और उनका घर तोड़ती है वह असफल सरकार है – हर्क साम्पाङ

गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका ने ऐलान किया था कि हाफिज सईद को पकड़ने वाले को 10 लाख डॉलर का इनाम दिया जाएगा। यहां विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा से बातचीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि मुंबई के दोषी हमलावरों को सजा दिलवाने की कार्रवाई में तेजी लाई जानी चाहिए। क्लिंटन ने कहा कि हिंसक उग्रवाद से निपटने के सवाल पर दोनों देश राजी हैं।

ईरान, चीन पर भी बात
बातचीत में दोनों विदेश मंत्रियों ने पाकिस्तान के अलावा ईरान, अफगानिस्तान और चीन के मसले पर भी बात की और कहा कि पूर्व एशिया में भारत की बढ़ी हुई भूमिका का अमेरिका समर्थन करेगा।

यह भी पढें   हम नम्र हैं, लेकिन कमजोर नहीं है – गगन थापा

कृष्णा ने अपने शुरुआती बयान में एनबीटी की रिपोर्ट की पुष्टि की कि परमाणु बिजली के क्षेत्र में सहयोग में दोनों पक्षों के बीच अच्छी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी परमाणु कंपनियों ने भारतीय साझेदार कंपनी एनपीसीआईएल (परमाणु बिजली निगम) से बातचीत के लिए भारत का दौरा किया है। कृष्णा ने क्लिंटन को भरोसा दिलाया कि भारत अमेरिकी कंपनियों को अपने यहां बराबरी का मौका देगा, लेकिन उन्होंने साफ किया कि यह भारत के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में ही होगा।

यह भी पढें   मधेश की उम्मीद बने बालेन, क्या विभेद की दीवार गिरेगी ? : डॉ.श्वेता दीप्ति

विदेश मंत्री कृष्णा ने कहा कि काबुल में हुए हाल के आतंकवादी हमले इस बात की जरूरत बताते हैं कि पड़ोस में आतंकवादी अड्डों को नष्ट किया जाए और पाकिस्तान से कहा जाए कि आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। अमेरिका में भारतीय छात्रों के हितों की बेहतर देखभाल करने की मांग करते हुए कृष्णा ने कहा कि अमेरिका में संरक्षणवादी नीतियों की वजह से वहां आईटी सेक्टर के भारतीय पेशेवरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।नवभारत टाइम्स

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *