Sun. May 3rd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

बिहार में बाढ की हालत अाैर भी हुई बेकाबू

 

१४ अगस्त

 

नेपाल की बारिश ने कोसी-सीमांचल व उत्तर बिहार को तबाह कर दिया। बाढ़ से अब तक 50 लोगों से अधिक की मौत हो चुकी है। नदियों में उफान से 12 जिलों में हालात बेकाबू हैं। असम में भी स्थिति भयावह है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को राज्य के प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। उधर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बाढ़ की स्थिति पर बात की और केंद्र से हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

नीतीश कुमार ने केंद्र की मदद के लिए प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और रक्षामंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने जो भी मांग की वह तुरंत मिल गया। स्थिति को भयावह देखकर सेना के तीन सौ जवान और बिहार भेजे गए हैं।

यह भी पढें   प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व और नेपाल के राजनीतिक रूपांतरण पर अंतरराष्ट्रीय बहस

बिहार में बागमती, कमला व मरहा नदी के तटबंध टूट गए हैं। पूर्णिया का पश्चिम बंगाल और किशनगंज से संपर्क भंग हो गया है। बगहा, रक्सौल एवं शिवहर शहर में पानी घुस गया है। किशनगंज जिला टापू में तब्दील हो गया है। अररिया का भी नेपाल के साथ सड़क और रेल संपर्क टूट चुका है।

राज्य सरकार ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं सेना के कुल 17 सौ जवानों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यो के लिए तैनात कर दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 81 प्रखंडों की 65 लाख आबादी बुरी तरह बाढ़ से प्रभावित है। एनडीआरएफ के 690 और एसडीआपएफ 421 जवान दिन-रात बचाव कार्य में जुटे हैं। दो हेलीकॉप्टर एवं 192 नावों के जरिए फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। अररिया जिले में 20 शव पानी से निकाले गए हैं।

यह भी पढें   प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व और नेपाल के राजनीतिक रूपांतरण पर अंतरराष्ट्रीय बहस

कटिहार में कदवा के पास महानंदा का तटबंध महज तीन घंटे के अंदर चार जगहों से टूट गया। इससे छह प्रखंडों की 10 लाख की आबादी चपेट में आ गई। कटिहार से पूर्वोत्तर की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें रद कर दी गई हैं। डंगराहा पुल के ध्वस्त होने से पूर्णिया का किशनगंज और पश्चिम बंगाल से संपर्क टूट गया है। करीब 20 हजार ट्रक फंसे हुए हैं।

कोसी, गंडक, बागमती, कमला बलान एवं महानंदा के अलावा इनकी सहायक नदियां भी बेकाबू हैं।

यह भी पढें   प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व और नेपाल के राजनीतिक रूपांतरण पर अंतरराष्ट्रीय बहस

काजीरंगा में फिर घुसा बाढ़ का पानी

असम में एक बार फिर बाढ़ का पानी काजीरंगा नेशनल पार्क (केएनपी) और पोबितोरा वन्यजीव अभ्यारण्य में घुस गया है। केएनपी के डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर रोहिणी बल्लभ सैकिया ने बताया कि डिफलू नदी का पानी पार्क के 85 फीसद से अधिक क्षेत्र में फैल गया है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *